प्रयागराज के चर्चित पूर्व आईपीएस अधिकारी और “दूसरी राधा” के नाम से जाने जाने वाले देवेंद्र किशोर पांडा इस वर्ष 9 सितंबर 2025 को एक बार फिर साइबर ठगों के जाल में फंस गए हैं। पुलिस के अनुसार, पांडा जी के इंडियन बैंक खाते से 4.32 लाख रुपए विभिन्न ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से उड़ा लिए गए। प्रयागराज के डीके पांडा साइबर ठगी का पिछले साल भी शिकार बन चुके है।
डीके पांडा दूसरी बार ठगी कैसे हुई?
पूर्व आईपीएस ने बताया कि उन्होंने इंटरनेट पर इंडियन बैंक का टोल फ्री नंबर सर्च किया था। उसी समय उनके पास एक फोन कॉल आया। उस कॉल के बाद उनके खाते से चार अलग-अलग ट्रांजेक्शनों से कुल 4.32 लाख रुपये निकाले गए। राहुल नामक व्यक्ति ने व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजकर उनकी खाते की जानकारी ली। उन्होंने बताया की मदद देने के बहाने व्हाट्सएप्प लिंक के जरिए पैसे उड़ा दिया।
पांडा ने धूमनगंज थाना में 15 सितंबर को एफआईआर दर्ज करवाई है और पुलिस ने जांच शुरू कर दिया है। धूमनगंज थाना प्रभारी अमरनाथ राय ने पुष्टि की है कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और अभियुक्तों की तलाश जारी है।
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इससे पहले भी हो चुके हैं डिके पांडा साइबर ठगी के शिकार
यह डीके पांडा के खिलाफ दूसरा बड़ा साइबर अपराध है। उन्होंने अक्टूबर 2024 में भी 381 करोड़ रुपये के ब्लॉक करने को लेकर आरोप लगाया था। उस समय उन्होंने बताया कि वे ऑनलाइन ट्रेडिंग करते हुए बड़े पैमाने पर लाभ उठाने वाले थे। लेकिन 8 लाख टीडीएस की मांग ना पूरी करने पर पुरा पैसा ही रोक दिया गया। ठगों ने उन्हें धमकाया और उनके महत्वपूर्ण दस्तावेजों, जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट, का गलत इस्तेमाल कर आतंकवादी फंडिंग करने की धमकी दी। इसकी भी शिकायत उन्होंने पुलिस थाने में की थी।
डीके पांडा का परिचय और सामाजिक छवि
1971 बैच के आईपीएस अधिकारी देवेंद्र किशोर पांडा ने 2005 में सेवा से इस्तीफा दे दिया था। वे प्रयागराज के प्रीतम नगर में रहते हैं। भगवान श्रीकृष्ण के भक्त हैं ‘दूसरी राधा’ नाम से जाने जाते हैं। वे आज भी प्रयागराज में आध्यात्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय हैं, हालांकि उनकी यह पहचान कभी विवादित रही है।
समापन
हाल ही में पूर्व आईपीएस डीके पांडा के साथ हुई साइबर ठगी ने डिजिटल युग में सुरक्षा की चिंता पैदा कर दी है। साइबर अपराधों से निपटने के लिए कड़े कानूनी कदम उठाने और जागरूकता बढ़ाना जरूरी हो गया है। प्रयागराज पुलिस मामले की तत्काल जांच कर रही है और ठगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद है।
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