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बुधवार, फ़रवरी 18, 2026

प्रयागराज ग्राम पंचायत आरक्षण समीक्षा शुरू, हो सकता बड़ा बदलाव

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प्रयागराज जिले में ग्राम पंचायतों की आरक्षण समीक्षा आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। पिछले चुनाव (2021) में 1,540 ग्राम पंचायतों में आरक्षण की श्रेणियाँ निर्धारित की गईं। तब से सामाजिक संरचना और जनसंख्या में हुए बदलाव ने “आरक्षण समीक्षा” को अनिवार्य बना दिया है। अब जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) की अध्यक्षता में गठित कमेटी निर्धारित करेगी कि किस वर्ग को पंचायत में सीटें मिलेंगी।

प्रयागराज ग्राम पंचायत आरक्षण समीक्षा 

जिले में ग्राम पंचायतों की आरक्षण समीक्षा (reservation review) प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुकी है। नीचे इस खबर की प्रमुख बातें हैं:

  • DPRO की अध्यक्षता में एक जिले स्तरीय कमेटी को समीक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। 
  • ग्राम पंचायतों की कुल संख्या: 1,540 ग्राम पंचायतों को 2021 में आरक्षण दिया गया था। 
  • समीक्षा का कारण: जनसंख्या वितरण, प्रजातीय और सामाजिक परिवर्तनों और पिछले आरक्षण में कुछ पंचायतों में प्रतिनिधित्व की पुनरावृत्ति (rotation) ध्यान में रखकर समीक्षा की जा रही है।
  • आरक्षण वर्ग: सामान्य, महिला, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित महिला, अन्य पिछड़ा वर्ग(OBC), और अन्य पिछड़े वर्ग की महिला
  • व्यवस्था में बदलाव हो सकता है: ग्राम पंचायतों में पिछला आरक्षण (2021) वैसा ही रह सकता है, लेकिन कुछ में स्थान और श्रेणी बदल सकती हैं। 
  • समय-सीमा: समीक्षा करने में चार से पांच महीने लग सकते हैं। नवीनतम आरक्षण सूची दिसंबर 2025 या जनवरी 2026 तक जारी की जानी चाहिए।

ग्राम पंचायत आरक्षण समीक्षा का इतिहास/प्रावधान 

भारत के संविधान और स्थानीय पंचायत राज अधिनियमों के तहत ग्राम पंचायतों में आरक्षण की व्यवस्था इस प्रकार है:

  1. भारत के संविधान का 73वाँ संशोधन (1992) ने ग्राम, ब्लॉक और ज़िला पंचायतों में चुनाव और प्रतिनिधित्व का प्रावधान किया है। पंचायतों के स्तर पर आरक्षण की श्रेणियों की बार-बार पुनर्समीक्षा होती है।
  2. उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत राज अधिनियम, 1947 में आरक्षण और स्थान निर्धारण के नियम हैं। उनमें कहा गया है कि आरक्षण श्रेणी और जनसंख्या के अनुपात के अनुसार किया जाएगा।
  3. ‘Rotation system’, यानी किस पंचायत या ग्राम को किस श्रेणी का आरक्षण मिलेगा, पहले से ही लागू होता आ रहा है। जिससे एक ही श्रेणी की पंचायतों में निरंतर प्रतिनिधित्व न हो।

सारांश

प्रयागराज ग्राम पंचायतों आरक्षण समीक्षा एक महत्वपूर्ण कदम है, जो जनसंख्या, सामाजिक हालात और लोकतांत्रिक न्याय की बदलती आवश्यकताओं को देखते हुए बनाया गया है। इस प्रक्रिया से पंचायत स्तर पर हर वर्ग को समान अवसर मिलेंगे।

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