प्रयागराज का प्रसिद्ध सिविल लाइंस बस स्टेशन अब पुनर्विकास के कारण से बंद होने जा रहा है। अब आपका बस स्टेशन एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से लैस होगा। अब सिविल लाइंस बस स्टेशन की तस्वीर बदलने वाली है क्योंकि यहाँ 13 मंजिला आधुनिक बस स्टेशन बनने जा रहा है। सोमवार को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर चल रहे पुनर्विकास परियोजना को लेकर पहली बार भूमि पूजन किया जाएगा।
क्या होगा बदलाव – विशेषताएँ और योजनाएँ
यह 13 मंजिला बस पोर्ट बनाने की जिम्मेदारी ओमेक्स(B-Together) कंपनी को दी गई है। इस पोर्ट में एसी वैटिंग कक्ष के अलावा वीआईपी लाउंज की सुविधा होगी। पार्किंग की सुविधा अंडरग्राउंड के अलावा इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन बनाने की भी योजना है। इसके अतिरिक्त होटल, रेस्तरां, बैंक्वेट हॉल होटल, फूड कोर्ट, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स आदि भी बनाए जाएंगे।
दिव्यांगजनों के लिए उनके अनुकूल काउन्टर होंगे। साथ ही सुरक्षा दृष्टि से आधुनिक सीसीटीवी लगाने के अलावा बैरिकेटिंग की भी व्यवस्था की जाएगी।
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कुल क्षेत्रफल एवं पुनर्विकास अवधि
यह पुरा बस पोर्ट लगभग 4.16 एकड़ के अंतर्गत निर्मित होगा। यहाँ पर भूमि पूजन के साथ काम शुरू हो चुका है और इसे बनाने तैयार होने में 2 साल की अवधि लग सकती है।
पुनर्विकास के दौरान CMP डिग्री कॉलेज के सामने एक अस्थायी यात्री शेड बनाया गया है। जहां से अब बसें गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ, अयोध्या के लिए चल रही हैं। इसके अलावा कुछ बसें परेड ग्राउन्ड से भी मिलेंगी। परिसर में जाम ना लगे इसकी वजह से अब पार्किंग में बसों को खड़ी करने की अनुमति नहीं है। एंट्री टाइम-टेबल के अनुसार होगी।
सरकार व प्रशासन की रणनीति
पुनर्विकास पूरी तरह से PPP मॉडल पर होगा, जो दो साल में प्राइवेट कंपनी के सहयोग से बनाया जाएगा। भूमि पूजन में परिवहन मंत्री और वरिष्ठ अफसरों ने शामिल होकर निर्माण की गारंटी दी है। बसों के संचालन और यात्रियों के अनुभव को ध्यान में रखते हुए मार्गों और टेम्पररी शेड को व्यवस्थित किया गया है।
निष्कर्ष
अगर आप प्रयागराज के सिविल लाइंस बस स्टेशन से सफर करते हैं, तो अगले दो वर्षों में आपका हर सफर का अनुभव बदल जाएगा। आप अपने स्टेशन पर आधुनिकता, सुरक्षा और सुविधाओं का शानदार संगम देखेंगे। यह परियोजना प्रयागराज का भविष्य बदलने में सहायक होने साथ ही राज्य की परिवहन व्यवस्था को भी बदल देगी।
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