नया चार-लेन पुल गंगा नदी पर नवंबर से दिसंबर 2025 तक शुरू होने की संभावना है। पुल से क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक कनेक्टिविटी बढ़ेगी और जाम से भी छुटकारा मिल सकेगा। उत्तर प्रदेश सीएम योगी आदित्यनाथ जी नें महाकुंभ मे हुए कैबिनेट बैठक में पुल की घोषणा की थी। आइए विस्तार से जानते हैं इस बड़े प्रोजेक्ट के बारे में।
मुख्य जानकारी(Prayagraj Ganga bridge): पुल निर्माण कब और किस बजट में होगा?
- Public Works Department (PWD) ने राज्य सरकार को सभी आवश्यक दस्तावेज़ सौंप दिए हैं, और अगले तीन महीनों में सरकारी आदेश मिलने की उम्मीद है। निर्माण नवंबर से दिसंबर 2025 में शुरू होगा।
- पुल की लंबाई की बात की जाय तो यह 3.66 किमी(लगभग) होगा। जिसके लिए पुल की लागत ₹960 करोड़ की अनुमानित खर्च है। पुल में 60 पिलर होंगे जिसमें से 20 पिलर गंगा नदी में रहेंगे। जिसमें 4 किमी का यूपी-मार्ग भी शामिल है।
- वहीं इस पुल का निर्माण करने वाली संस्था सेतु निगम(Bridge Corporation) है। इसकी टीम नें साइट का निरीक्षण 4 महीने पहले ही कर चुकी है।
- पुल के द्वारा प्रतिदिन लगभग 30-40 हजार लोगों के गुजरने की संभावना है। जिससे यातायात जाम में सुधार होगा। कुम्भ एवं महाकुंभ जैसे बड़े अवसरों पर पुल काफी उपयोगी साबित होगा।
- इस पुल के निर्माण में 3-4 साल लगने की उम्मीद है।
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इतिहास
सर्वे और डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट(DPR) की स्थिति
Salori-Hetapatti पुल प्रस्ताव के लिए सर्वे अप्रैल 2025 तक पूरा हो चुका है। और DPR भी तैयार हों चुका है। ₹1,450 करोड़ की प्रस्तावित लागत में ₹900 करोड़ निर्माण और ₹550 करोड़ भूमि अधिग्रहण शामिल हैं।
आवश्यकता का कारण
पुराने शास्त्री पुल पर अत्यधिक दबाव और निरंतर तकनीकी खराबी के कारण, इंजिनियर्स और जनजीवन दोनों ने एक नए पुल की जरूरत महसूस की।
पूर्व प्रस्ताव
योजनाबद्ध पुल IERT ग्राउंड बघाड़ा से शुरू होकर सलोरी-हेटापट्टी(Salori-Hetapatti) तक बनाया जाएगा। इसमें 40 मीटर गहरी पाइल फ़ाउंडेशन(गहरी नींव जो कंक्रीट या स्टील के पतले लंबे पिलर), 300 cm व्यास वाले पिलर, फुटपाथ और RCC क्रैश बैरियर होंगे।
प्रभाव – Prayagraj connectivity project
- Prayagraj को SH-19 (Prayagraj–Varanasi Road) से जोड़ने वाले पुल से Varanasi, Jaunpur, Azamgarh और Gorakhpur जैसे स्थानों को तेजी से जोड़ने में मदद मिलेगी।
- महाकुंभ जैसे बड़े आयोजन में करोड़ों लोग आते हैं। पुल से अतिरिक्त व्यासपीठ मिलेगा, जो लोड कम करेगा और आपातकालीन बचाव कार्य में भी मदद करेगा।
सारांश
कुल मिलाकर, नवंबर से दिसंबर 2025 तक चलने वाली इस महत्वपूर्ण निर्माण परियोजना से सिर्फ सड़क नहीं बनेगी। नए सपने, आसान कनेक्टिविटी, सुरक्षित यात्रा और आर्थिक और सामाजिक प्रगति का रास्ता खुलेगा। यह प्रस्ताव प्रयागराज और पुर्वांचल को चुंबकीय रूप से जोड़ेगा, जिसमें 960 करोड़ रुपये का चार-लेन पुल होगा, जो 3.66 किमी लंबा होगा।
प्रयागराज में दो नए स्टेशन का होगा निर्माण।

