इलाहाबाद विश्वविद्यालय की शिक्षा प्रणाली में शैक्षणिक सत्र 2025-26 से व्यापक बदलाव किए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक, व्यावहारिक और रोजगार उन्मुख शिक्षा मिल सके। साथ ही शहर की सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय ने प्रसिद्ध लोकगायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी को मानद उपाधि से सम्मानित भी किया जाएगा। इलाहाबाद विश्वविद्यालय NEP बदलाव को आगे इस लेख में देखेंगे।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में नया शिक्षा मॉडल
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत, इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने तीन वर्षीय पारंपरिक स्नातक पाठ्यक्रम की जगह चार वर्षीय ऑनर्स डिग्री कार्यक्रम शुरू किया है। चार साल के सेमेस्टर आधारित पाठ्यक्रम के बाद स्नातक की डिग्री दी जाएगी। छात्र अपने इच्छानुसार माइनर या वैकल्पिक विषय भी चुन सकेंगे।
यूनिवर्सिटी में नए सुधारों के तहत
- पासिंग मार्क्स 33% से बढ़ाकर 40%
पहले स्नातक स्तर पर पास होने के लिए 33% अंक आते थे, अब इसे बढ़ाकर 40% कर दिया गया है। इसका मतलब है कि छात्रों को परीक्षा में सफल होने के लिए थोड़ी अधिक मेहनत करनी होगी।
- माइनर विषयों की OMR आधारित परीक्षा
अब माइनर, यानी छोटे सहायक विषयों की परीक्षा वस्तुनिष्ठ यानी बहुविकल्पीय होगी। OMR शीट पर विद्यार्थी सही उत्तर चुनेंगे। इससे परीक्षा का मूल्यांकन तेज और पारदर्शी होगा।
- दो आंतरिक परीक्षाएं
अब तीन की बजाय दो आंतरिक परीक्षाएं होंगी, जिनमें से बेहतर अंक अंतिम परिणाम में जोड़े जाएंगे। इससे विद्यार्थियों पर कम दबाव रहेगा और वे बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
- मल्टीडिसिप्लिनरी लर्निंग और मल्टीपल एंट्री-एग्जिट विकल्प
विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार मेजर और माइनर विषयों को चुन सकते हैं। साथ ही, विद्यार्थी पढ़ाई को बीच में छोड़कर प्रमाणपत्र (एक वर्ष की पढ़ाई के बाद), डिप्लोमा (दो वर्ष की पढ़ाई के बाद), स्नातक (तीन वर्ष की पढ़ाई के बाद) या ऑनर्स डिग्री (चार वर्ष की पढ़ाई के बाद) प्राप्त कर सकते हैं। विद्यार्थी इस लचीलेपन से अपनी सुविधानुसार पढ़ाई कर सकते हैं।
- ऑनर्स डिग्री के साथ रिसर्च का अवसर
सातवें और आठवें सेमेस्टर में मेजर विषयों में से किसी एक में ऑनर्स करने वाले विद्यार्थियों को भी शोध का मौका मिलेगा। इसका अर्थ यह है कि वे अपनी पढ़ाई को गहराई से समझ सकते हैं और नवीनतम खोजों और ज्ञान में योगदान दे सकते हैं। इससे उनकी पढ़ाई और कैरियर में लाभ होगा।
- सेमेस्टर प्रणाली
8 सेमेस्टर में पूरी डिग्री पूरी होगी। हर सेमेस्टर में लगभग 20 क्रेडिट की पढ़ाई होगी, जिससे पढ़ाई का बोझ समान रूप से बंटेगा और विद्यार्थी नियमित रूप से अध्ययन करेंगे।
पद्मश्री मालिनी अवस्थी को सम्मान
इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने प्रसिद्ध लोकगायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी को उनके लोकसंगीत और सांस्कृतिक योगदान के लिए मानद उपाधि दी जाएगी। यह निर्णय मंगलवार को कुलपति प्रो संगीता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में एकैडमिक परिषद की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। यह उपाधि उन्हे 23 सितम्बर को विश्वविद्यालय की स्थापना दिवस समारोह में दिया जाएगा।
यह उपाधि विश्वविद्यालय से पाने वाली मालिनी जी चौथी शख्सियत है। इससे पहले ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, पूर्व चुनाव आयुक्त टीएन शेषन और कुमार विश्वास को मिल चुका है। मालिनी अवस्थी ने भारतीय लोकसंगीत को भारत और विदेशों में नई पहचान दी है और उनका सम्मान विश्वविद्यालय की संस्कृति और गौरव को बढ़ाएगा।

