उत्तर प्रदेश सरकार ने संस्कृत शिक्षिकाओं को राज्य के संविदा पर 6 महीने (180 दिन) का मानदेय सहित मातृत्व अवकाश देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। 29 सितंबर 2025 को, नवरात्र पर सरकार ने यह फैसला जारी किया। इससे पहले, संविदा शिक्षक केवल 10 दिन का आकस्मिक अवकाश पाते थे। योगी सरकार ने शिक्षा विभाग के करीब एक हजार संविदा शिक्षकों को यह सुविधा दी है। महिलाओं को इस फैसले से न केवल आराम मिलने की संभावना बढ़ी है, बल्कि उनके रोजगार की सुरक्षा भी बढ़ी है।
संविदा शिक्षिकाओं के लिए नया मातृत्व अवकाश नियम
अब उत्तर प्रदेश के 403 सहायता प्राप्त संस्कृत महाविद्यालयों और 570 माध्यमिक संस्कृत विद्यालयों में संविदा पर पढ़ाने वाली शिक्षिकाओं को 180 दिन की मातृत्व अवकाश मिलेगी। अवकाश मानदेय के साथ दिया जाएगा, अर्थात् वे अवकाश के दौरान भी भुगतान प्राप्त करेंगी।
इस मांग को महिला अधिकार समर्थकों और शिक्षक संगठनों ने लंबे समय से उठाया था। उप शिक्षा निदेशक संस्कृत रामाज्ञा कुमार ने सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश का पालन करने का आदेश दिया है। इससे पहले संविदा शिक्षिकों के वेतन में भी वृद्धि देखने कों मिली थी। जहां हाईस्कूल स्तर के शिक्षक की सैलरी 12-20 हजार, तो वहीं 12 स्तर के शिक्षक को 15-25 हजार वेतन किया गया था।
सारांश
योगी सरकार ने संविदा शिक्षिकाओं के अधिकारों को बचाने के लिए मातृत्व अवकाश की अवधि को छह माह तक बढ़ा दिया है। इससे महिला शिक्षिकाओं का स्वास्थ्य, परिवार और करियर संतुलन सुधरेगा, जो शिक्षा व्यवस्था और समाज की प्रगति के लिए अच्छा होगा।
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