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गुरूवार, अप्रैल 30, 2026

प्रयागराज के शंकरगढ़ में बाल अपहरण व हत्या का मामला, दोषियों को आजीवन कारावास

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बालक की सुरक्षा आज भी हमारे समाज के लिए एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय है। प्रयागराज के शंकरगढ़ कस्बे में पिछले कुछ वर्षों में एक दुःखद घटना हुई, जिसने परिवार सहित पूरे समाज को विचलित कर दिया। 23 सितंबर 2023 को 12 वर्षीय शुभ केसरवानी नामक बच्चे का अपहरण और हत्या का जीवंत उदाहरण सामने आया था। शंकरगढ़ बाल अपहरण घटना में दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है आइए विस्तार से जानते है। 

शंकरगढ़ बाल अपहरण घटना का पूरा विवरण

पुष्पराज नामक एक व्यापारी के बेटे शुभ केसरवानी ने दुकान पर सामान लेने निकला, लेकिन कभी घर नहीं लौटा। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि बदमाश शुभ को जंगल में सफेद खरगोश दिखाने के बहाने बाइक पर बिठाकर ले गए थे। शुभ के पिता को रात 9 बजे फोन करके 15 लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई। हालाँकि, त्वरित कार्रवाई और सर्विलांस ने दो आरोपियों को चित्रकूट के बरगढ़ जंगल में पकड़ लिया। लेकिन तब तक आरोपी शुभ को जंगल में बेरहमी से मार डाला था। दोनों आरोपी पुलिस से मुठभेड़ में घायल हो गए।

20 सितंबर 2025 को प्रयागराज के विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) कोर्ट ने दोनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 10 से 10 हजार रुपये की अर्थदंड की सजा सुनाई।

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पुलिस की भूमिका और जांच की प्रक्रिया

प्रयागराज पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुठभेड़, सर्विलांस और कॉल ट्रेसिंग तकनीक का उपयोग किया। आरोपी सुखदेव और संजय उर्फ रत्नेश वर्मा पर अपहरण (धारा 364A), हत्या (धारा 302) और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।

ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए मोबाइल कॉल डेटा का उपयोग किया। दोनों को गिरफ्तार कर ढाई महीने में चार्जशीट दाखिल की गई। अभियोजन ने ट्रायल के दौरान मजबूत प्रमाण पेश किए जिससे कोर्ट ने सख्त सजा दी। आरोपियों को धारा 302, 364A सहित उम्रकैद और जुर्माना हुआ। आरोपियों को जंगल में शिकार करते हुए गिरफ्तार किया गया, जहां शुभ की लाश मिली।

सारांश 

प्रयागराज के लोगों को शुभ केसरवानी की हत्या ने सदमा दिया, लेकिन पुलिस और न्यायपालिका की कार्रवाई ने अपराधियों को सजा दी। शंकरगढ़ बाल अपहरण घटना से स्पष्ट होता है कि अपराधियों के खिलाफ तत्काल कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है। साथ ही, बच्चों की सुरक्षा के लिए समाज और परिवारों को सतर्क रहना चाहिए।

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