back to top
बुधवार, फ़रवरी 18, 2026

नवप्रयागम आवास योजना में बाधाएं बरकरार, गंगा के 500 मीटर दायरे में निर्माण पर रोक

Share

प्रयागराज की नवप्रयागम आवास योजना वर्षों से स्थानीय जनता के लिए बड़ी उम्मीद रही है। लेकिन आज भी यह योजना कई बाधाओं के कारण धरातल पर पूरी तरह से नहीं उतर पा रही है। सबसे बड़ी वजह एनजीटी से मंजूरी न मिलना और गंगा नदी के 500 मीटर के दायरे में निर्माण पर लगी कड़ी रोक है। यही कारण है कि प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) अपनी योजना को आगे बढ़ाने में मुश्किलों का सामना कर रहा है। आइए, इस योजना की वर्तमान स्थिति और स्थानीय लोगों पर इसके प्रभावों पर विस्तार से जानें।

नवप्रयागम आवास योजना: विस्तार से

नवप्रयागम आवास योजना प्रयागराज के अरैल संगम तट पर प्रस्तावित है। यह एक बड़ी आवासीय परियोजना है, जिसे पीडीए पिछले लगभग 20 वर्षों से साकार करने का प्रयास कर रहा है। यह योजना लगभग 40 हेक्टेयर क्षेत्र में 50 हजार से अधिक लोगों को आवास उपलब्ध कराने की योजना है। पांच साल पहले इसका लेआउट तैयार किया गया था, जिसमें आधुनिक सुविधाओं से लैस वर्क और जीवनशैली की योजना बनाई गई थी।

हालांकि, गंगा नदी के लगभग 500 मीटर के दायरे में निर्माण पर एनजीटी और उच्च न्यायालय ने कड़ी रोक लगाई है। एनजीटी ने हाल ही में अरैल क्षेत्र में ओमेक्स सिटी के फ्लैटों को आवंटन छूट देकर कुछ उम्मीद जगाई थी, लेकिन नवप्रयागम योजना अभी तक एनजीटी से पूरी तरह से मंजूर नहीं हुई है। इसके परिणामस्वरूप, पीडीए को कार्य शुरू करने के लिए आवश्यक सभी कागजात और अनुमोदन नहीं मिल पा रहे हैं।

पीडीए के उपाध्यक्ष डॉ. अमित पाल शर्मा कहते हैं, “एनजीटी की मंजूरी और सरकारी विभागों से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) के बिना हम योजना को आगे नहीं बढ़ा सकते।”

गंगा के संरक्षण के महत्व और निर्माण पर रोक

सरकार और न्यायालय ने 500 मीटर के दायरे में गंगा नदी की शुद्धता और स्वच्छता को बचाने के लिए कड़े नियम बनाए हैं। इस क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, जल प्रदूषण नियंत्रण और पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के उद्देश्य से निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगाया गया है।

एनजीटी ने कई बार पर्यावरणीय मुद्दों पर कड़े फैसले लिए हैं, जिससे कई विकास परियोजनाओं को देरी होती है। यह कदम सुरक्षात्मक है, लेकिन भविष्य की शहरी विकास योजनाओं को भी चुनौती देता है। पीडीए ने इस योजना को साकार करने के लिए अब तक 7 करोड़ रुपये सड़क निर्माण में और 20 करोड़ की लागत से जल निकासी तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं के काम में खर्च कर दिए हैं।

सारांश 

नवप्रयागम आवास योजना, जो हजारों परिवारों को स्थायी आवास प्रदान करने का लक्ष्य लेकर आई है। यह योजना प्रयागराज के शहरी विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली एक योजना है। हालांकि, गंगा नदी की सुरक्षा और पर्यावरणीय नियमों के कारण इस योजना को मंजूरी मिलने में समय लग रहा है।

प्रयागराज बहुचर्चित शंकरगढ़ बाल अपहरण मामलें में आरोपियों को उम्रकैद की सजा। 

Read more

Local News

hi_INहिन्दी