प्रयागराज के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थान में प्रकृति और पर्यटन का एक नया अध्याय शुरू होने वाला है। यह शहर जल्द ही पक्षी प्रेमियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक बड़ा आकर्षण बन जाएगा। “राष्ट्रीय बर्ड सेंचुरी और रिवरफ्रंट परियोजना” का प्रस्ताव राज्य सरकार को प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने भेजा है, जिसका लागत लगभग 132 करोड़ रुपये है। यह सेंचुरी कनिहार झील क्षेत्र में विकसित होगा, जहां प्रत्येक साल हजारों प्रवासी पक्षी आते है।
कनिहार झील राष्ट्रीय बर्ड सेंचुरी योजना की डिटेल्स
यह परियोजना 68 हेक्टेयर क्षेत्र में बर्ड सेंचुरी एवं रिवरफ्रंट डेवलपमेंट का प्रस्ताव शामिल है। 132 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बर्ड सेंचुरी का घर स्थानीय और प्रवासी पक्षियों के लिए होगा। 90 से 200 से अधिक स्थानीय और प्रवासी पक्षियों (जैसे साइबेरियन सारस, स्पूनबिल, डक, स्टार्लिंग, इग्रेट) आदि शामिल है। विशेष रूप से माघ मेले के दौरान साइबेरिया से आने वाले पक्षियों को सुरक्षित और अनुकूल वातावरण मिलेगा, जो प्रयागराज को प्रकृति प्रेमियों के लिए एक अतिरिक्त आकर्षण का केंद्र बना देगा।
कनिहार झील एक प्राकृतिक जलाशय है, जो 8 किमी लंबा और 2 किमी चौड़ा है। इसमें नेचर ट्रेल, बर्ड वॉचिंग टावर, बोटिंग, ग्रीन पार्क, बच्चों के खेल क्षेत्र, कैफे, खुला जिम, फोटो प्वाइंट और सेल्फी स्पॉट बनाए जाएंगे। Detailed Project Report (DPR) नगर निगम और PDA ने प्राइवेट संस्था की सहायता से बनाया है; बजट और स्वीकृति की प्रतीक्षा है।
ऐतिहासिक व प्रशासनिक पृष्ठभूमि
कनिहार क्षेत्र में पक्षी विहार और पर्यटन को विकसित करने का लक्ष्य वर्षों से अधूरा रहा है। जिसकी कई बार घोषणा की गई है, लेकिन बजट और देखरेख की कमी के कारण काम ठप पड़ा है। PDA और नगर निगम ने 2016-17, 2021-22 और 2023-24 में प्रस्ताव बनाकर फाइलें भेजीं गई थी। राज्य सरकार को हाल ही में एक नवीनतम विस्तृत बजट प्रस्ताव भेजा गया है।
सारांश
झूंसी क्षेत्र से 25 किमी दूर कनिहार झील और रिवरफ्रंट परियोजना प्रयागराज में पर्यटन विकास और पर्यावरणीय संवेदना का महत्वपूर्ण उदाहरण बनने जा रही हैं। जब बजट पास होगा, प्रयागराज पक्षी प्रेमियों, फोटोग्राफरों और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक नया आकर्षण केंद्र बन जाएगा।
प्रयागराज की आईआईटी-ए स्कूल के बच्चों को टेक प्रशिक्षण प्रदान करेगा।

