प्रयागराज झूंसी में रक्षा मंत्रालय और रक्षा संपदा विभाग ने लगभग 100 घरों और दुकानों को 75 एकड़ सेना की जमीन पर लाल रंग से निशान लगाकर खाली करने का आदेश दिया। झूंसी घर खाली नोटिस से क्षेत्र में हलचल तेज हो गई और लोग अपने घरों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
झूंसी घर खाली नोटिस की जानकारी
- नई झूंसी के पूरेसूरदास में पुलिस चौकी, स्टेट बैंक शाखा सहित करीब 100 घर और दुकानें इस कार्रवाई के अंतर्गत आइ हैं।
- गुरुवार को स्थल निरीक्षण के बाद विभागीय टीम ने दीवारों पर लाल रंग के निशान लगाए।
- नोटिस के तहत, संबंधित घर के मालिक या दुकानदारों को 17 सितंबर तक रक्षा संपदा कार्यालय में अपने घर या जमीन के दस्तावेज पेश करने का आदेश है।
- करीब 75 एकड़ जमीन सेना की बताई गई, जिस पर वर्षों से कथित रूप से अवैध कब्जा है। विभाग के अनुसार, कॉलोनी अनाधिकृत रूप से निर्माण की गई थी।
रक्षा मंत्रालय की कार्रवाई का इतिहास
- सेना के कई क्षेत्रों में पिछले कई दशकों से लीज पर या अस्थायी संविदा पर जमीन दी गई है। लीज समाप्त होते ही जमीन रक्षा विभाग को लौट जानी थी, लेकिन स्थानीय निवासियों ने नाम बदलकर वहां स्थायी निर्माण कर लिया।
- पिछली कार्रवाई में, ऐसे कई इलाकों में दुकानों, स्कूलों, मार्केटों और पक्के मकानों पर बुलडोजर लगाया गया था. एयरपोर्ट और थरवई में भी ऐसे ही मामले हुए हैं।
- भूमि बिकने और अन्य अपराधों के कई मामले रक्षा संपदा विभाग के पास शिकायती पत्रों के रूप में हैं, और कुछ निवासियों ने अदालत का रुख भी किया है।
सारांश
रक्षा मंत्रालय ने 100 घरों पर लाल निशान और झूंसी घर खाली नोटिस लगाने से कई वर्षों से रह रहे परिवार असमंजस में हैं। सेना की जमीन से अवैध कब्जा हटाना कार्रवाई का उद्देश्य है, लेकिन इसमें सामाजिक, प्रशासनिक और कानूनी समस्याएं हैं। 17 सितंबर तक दस्तावेज प्रस्तुत करने के बाद, विभाग उपयुक्त कार्रवाई करेगा।
वायु गुणवत्ता रैंकिंग में प्रयागराज 10 लाख जनसंख्या की श्रेणी में 7वें स्थान पर।

