प्रयागराज ने देश के शिक्षा क्षेत्र में समावेशिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब यहां के 22 सरकारी स्कूलों में दृष्टिहीन बच्चों को ब्रेल सिखाने के लिए टेक्नोलॉजी-आधारित, इंटरैक्टिव ‘Annie Braille’ उपकरण उपलब्ध है। यह उपकरण खेल और ऑडियो सपोर्ट के साथ बच्चों को स्वयं सीखने में मदद करेगा, जो उनकी पढ़ाई को आसान बनाएगा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाएगा। प्रयागराज सरकारी स्कूल ब्रेल शिक्षा को अब जल्द ही अधिकारियों ने विस्तार करने की बात की है।
एनी ब्रेल(Annie Braille) डिवाइस क्या है?
Annie Braille दुनिया का पहला स्वयं-शिक्षण ब्रेल डिवाइस है, जो दृष्टिहीन बच्चों को पढ़ना, लिखना, टाइपिंग और शब्दावली बेहतर तरीके से सिखाता है। इसमें इंटरैक्टिव गेम्स, ऑडियो गाइडेंस और टच फीडबैक हैं, जिससे सीखना आसान और मनोरंजक होता है। यह बच्चों को हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में ब्रेल सिखाता है। इसके साथ ही माता-पिता और शिक्षकों को एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने बच्चों की प्रगति की रिपोर्ट करने की सुविधा भी देता है।
डिवाइस पूरी तरह गेम-आधारित शिक्षण प्रदान करता है। बच्चों के उत्तर, प्रगति और अभ्यास को रिकॉर्ड करता है, जिससे पैरेंट्स और शिक्षक दोनों की भागीदारी सुनिश्चित होती है।
प्रयागराज सरकारी स्कूल ब्रेल शिक्षा योजना का विस्तार और समग्र शिक्षा अभियान
यह अभियान “समग्र शिक्षा अभियान” के तहत शुरू हुआ है, जो खास तौर पर देश भर में दिव्यांग बच्चों को शिक्षा के नए साधन, उपकरण और आर्थिक सहायता प्रदान करता है। प्रयागराज जिले में 22 स्कूलों में Annie Braille लागू है, जिससे 132 दृष्टिहीन विद्यार्थियों में से 33 पहले से ही सिख रह हैं।अब इसका और विस्तार किया जाएगा। समग्र शिक्षा अभियान में दृष्टिहीन विद्यार्थियों को स्कूल तक लाने-जाने के लिए 600 रुपये प्रति महीने का अनुदान मिलता है। प्रयागराज में कुल 7,000 से भी अधिक दिव्यांग बच्चे नामांकित हैं।
प्रयागराज सरकारी स्कूल ब्रेल शिक्षा प्रगति, शिक्षक प्रशिक्षण और तकनीकी में लाभ
शिक्षकों को इन उपकरणों का उपयोग करने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि वे बच्चों को सही मार्गदर्शन दे सकें। Annie डिवाइस का इंटरफेस इस तरह बनाया गया है कि विद्यार्थी अपनी गति से सीख सकते हैं। टैक्टाइल, ऑडियो और गेम बेस्ड कंटेंट बच्चों की दिलचस्पी और आत्मविश्वास बढ़ाते हैं।
प्रयागराज के BSA देवब्रत सिंह के अनुसार, “Annie ब्रेल डिवाइस बच्चों को खुद से सीखने के लिए प्रेरित करता है और आगे चलकर वे मुख्यधारा शिक्षा में सहजता से जुड़ सकते हैं।”
सारांश
Annie Braille जैसी तकनीक से प्रयागराज सहित उत्तर प्रदेश में समावेशिता और दिव्यांग बच्चों की शिक्षा में बड़ा बदलाव आ रहा है। ऐसी कई तकनीकों के चलते, भविष्य में “सब के लिए शिक्षा” का सपना और करीब आता दिखता है। अब इस योजना को अतिशीघ्र विस्तार किया जाएगा।
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