प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) के अधिष्ठान विभाग में कनिष्ठ सहायक (Junior Assistant) अजय कुमार पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने प्लॉट की रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करने के बदले 8,000 रुपये की रिश्वत की मांग की। प्राणेंद्र, जिसे कुछ रिपोर्टों में प्राणेंद्र पांडे बताया जाता है, ने एंटी करप्शन ऑर्गनाइजेशन (ACO) से शिकायत की. इसके बाद ट्रैप की योजना बनाई गई।
9 दिसंबर 2025 को एंटी करप्शन की एक टीम ने मंगलवार दोपहर पीडीए ऑफिस में आरोपित अजय कुमार को रंगे हाथ पकड़ लिया, जिसे कथित रूप से 8,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। टीम को प्रयागराज इकाई के साथ इस ट्रैप ऑपरेशन में निरीक्षक (इंस्पेक्टर) राकेश बहादुर सिंह ने नेतृत्व किया। यह बताया गया है कि अजय कुमार लक्ष्मण (या लक्षन/लखन) सिंह का पुत्र हैं और पीडीए के ऑफिस एस्टैब्लिशमेंट सेक्शन में कार्यरत हैं।
प्रयागराज पीडीए रिश्वतकांड गिरफ्तारी के दौरान हंगामा और हमला
पीडीए दफ्तर में माहौल अचानक गर्म हो गया जब एंटी करप्शन टीम ने अजय कुमार को गिरफ्तार कर लिया। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, कुछ कर्मचारियों और अन्य लोगों ने टीम को घेर लिया, हाथापाई और धक्का-मुक्की हुई, और आरोपी को छुड़ाने की कोशिश हुई।
इस दौरान एंटी करप्शन टीम पर भी कथित रूप से हमला हुआ, जिससे हालात तनावपूर्ण हो गए और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे। टीम किसी तरह आरोपी अजय कुमार को सिविल लाइंस थाने ले गई, जहां उसे पुलिस के सुपुर्द कर शेष कानूनी कार्रवाई की गई।
पुलिस कार्रवाई और एफआईआर की स्थिति
सिविल लाइंस थाना पुलिस ने एंटी करप्शन टीम की शिकायत पर आरोपी अजय कुमार के खिलाफ रिश्वत लेने का मामला दर्ज किया है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत यह मामला दर्ज किया जा रहा है ताकि आगे की जांच और न्यायिक कार्यवाही हो सके।
दूसरी ओर, एंटी करप्शन टीम पर हुए हमले और हंगामे को लेकर भी पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल वीडियो के आधार पर हमलावरों की पहचान शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जो भी कर्मचारी या व्यक्ति वीडियो फुटेज में टीम पर हमला या बाधा डालते हुए पाए जाएंगे, उनके खिलाफ भी अलग से मुकदमे दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रयागराज रक्षा कार्यालय को 16 दिसम्बर को रक्षामंत्री सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।

