प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) और जिला प्रशासन ने करोड़ों की सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। हाल ही में शुरू हुए इस अभियान से अब तक कई करोड़ की सरकारी जमीन माफिया और अवैध मालिकों से खाली कर दी गई है।
प्रयागराज नजूल भूमि पर पीडीए का एक्शन और जिलेभर में अभियान
नजूल भूमि, जो कई दशकों पहले सरकारी स्वामित्व में थी और लीज पर दी गई थी, अब प्रशासन की विशेष निगरानी में है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने लगभग 14 करोड़ रुपये की नजूल भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ नोटिस जारी किया है। राजस्व विभाग ने सदर तहसील और रसूलपुर-काशीपुर क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण की शिकायतों के बाद माफिया अतीक अहमद के करीबी के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
पिछले सप्ताह सोरांव, करछना, फूलपुर, कोरांव और बारा तहसीलों में हुई कार्रवाई में 18 सरकारी जमीन कब्जे से मुक्त कर दी गई। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने सभी तहसीलों को दो दिनों में कार्रवाई रिपोर्ट देने को कहा है. उन्होंने कहा कि ग्राम समाज और नजूल भूमि से अधिग्रहण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
इसे भी देखें – एसएससी की नवीनतम परीक्षा प्रणाली, 5 मिनट पहले तैयार होगा प्रश्नपत्र।
नजूल भूमि विवाद का इतिहास
प्रयागराज में नजूल भूमि का विवाद पुराना है। 2021 में, PDA ने माफिया अतीक अहमद को गिरफ्तार कर लुकर्गंज क्षेत्र की नजूल जमीन को खाली कराया। यह मुद्दा भी अदालत में पहुंचा, जहां इलाहाबाद हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर निजी कब्जे की अनुमति नहीं होगी, चाहे वह वर्षों पहले बनाया गया हो।
सारांश
नजूल भूमि पर कार्रवाई प्रयागराज प्रशासन के लिए न्याय और पारदर्शिता का प्रतीक बन गई है और केवल भूमि विवाद का हल है। आगामी महीनों में इस अभियान को और तेज किया जा सकता है ताकि जिला पूरी तरह से छोड़ दिया जाए। शहर के विकास में प्रशासन की यह चुनौती लाभदायक हो सकती है।
प्रयागराज में पुलिस ने साइबर ठगी के जरिए 38 लाख ठगने वाले को किया गिरफ्तार।

