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गुरूवार, दिसम्बर 4, 2025

प्रयागराज: साइबर ठगों ने 74 वर्षीय व्यापारी से 50.18 लाख रुपये ऐंठे

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कभी आपने सोचा है कि सिर्फ एक फोन आपके जीवन को बदल सकता है? प्रयागराज में, एक 74 वर्षीय बुजुर्ग व्यापारी को ₹ 50.18 लाख रुपये ठगने के लिए ‘डिजिटल अरेस्ट’ झूठी कहानी रची गई। यह सिर्फ एक घटना नहीं है; आए दिन ऐसे मामले सामने आते रहे हैं। 

प्रयागराज साइबर ठगी: बुजुर्ग व्यापारी डिजिटल अरेस्ट ठगी घटना का विवरण

28 नवंबर 2025 को समाचार पत्रों में खबरों के अनुसार, 74 वर्षीय मुट्ठीगंज निवासी व्यापारी राकेशचंद्र जायसवाल को एक अनजान मोबाइल नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को CBI/RBI अधिकारी बताया।

आरोपी ने कहा कि जायसवाल के आधार कार्ड नंबर से पैसा एक बैंक खाते में भेजा गया है, जो मनी लॉन्ड्रिंग या आपराधिक गतिविधि से संबंधित था। उनका डर था कि अगर आप तुरंत सहयोग नहीं करेंगे, तो आप पर कानूनी कार्रवाई होगी।

जायसवाल के निर्देश पर 10 नवंबर से 19 नवंबर के बीच चार अलग-अलग बैंक खातों में ₹ 50.18 लाख जमा किया गया. दबाव और भय से ऐसा हुआ। बाद में जब उन्होंने पैसे वापस लेने या बैंक से स्पष्टीकरण माँगा, तो पता चला कि यह सब ठगी थी। उन्होंने साइबर थाना में शिकायत की और पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्रयागराज में साइबर धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाएं

2025 के पहले 11 महीने में, शहर में ₹ 5 लाख से अधिक के 72 साइबर ठगी के मामले दर्ज हो चुके हैं। पीड़ितों को “डिजिटल अरेस्ट / फर्जी कॉल” से डराया गया था। पुलिस ने कुछ मामलों में तेजी से कार्रवाई करते हुए कुछ लाख रुपये भी वसूल किए हैं। यह घटना अकेली नहीं है: इसी महीने शहर में 15 से अधिक बड़े साइबर अपराध केस दर्ज हुए हैं। विशेष रूप से, बुजुर्ग लोग फर्जी कॉल्स, धमकी और बैंक लेनदेन के दबाव से सबसे अधिक निशाने पर हैं। लेकिन बड़े पैमाने पर ठगी और जालसाज़ी ने आम लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत महसूस की है।

हमें क्या करना चाहिए?

  • अगर कोई अनजान कॉल करे और खुद को अधिकारी बताए तो तुरंत न मानें। बैंक, पुलिस या सरकारी संस्था कभी बिना कारण बैंक विवरण या ट्रांजेक्शन के लिए नहीं कहेगी।
  • अपने बैंक विवरण, आधार, OTP, पासवर्ड आदि किसी के साथ साझा न करें।
  • शक होने पर तुरंत अपने बैंक और स्थानीय साइबर थाना से संपर्क करें — देर न करें।
  • बुजुर्ग, व्यापारी और डिजिटल नए-यूज़र विशेष रूप से सतर्क रहें।

सारांश 

यह आश्चर्यजनक घटना प्रयागराज में 74 वर्षीय बुजुर्ग व्यापारी से ₹50.18 लाख की ठगी बताती है कि साइबर अपराध अब कितने संगठित और चालाक हो चुके हैं। “डिजिटल अरेस्ट” शब्द सुनते ही आम आदमी डरकर वह अपना पैसा खो सकता है। लेकिन हमारी पहली और सबसे अच्छी रक्षा सावधानी, जागरूकता और समय पर शिकायत है।

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