प्रयागराज से वाराणसी के महामना कैंसर अस्पताल जा रही एक स्विफ्ट कार अचानक अनियंत्रित हो गई। ठीक उसी समय, वह खड़े कंटेनर ट्रक से जा टकराई। चारों सवार, जिनमें से एक कैंसर से पीड़ित था और उनके बेटे भी थे, इस भयानक दुर्घटना में मौके पर ही मौत गई। ये भयानक हादसा इतना भयावह था कि कार के परखच्चे पांच सौ मीटर दूर बिखर गए। सुबह का वक्त था, हाईवे पर कोहरा घना था – क्या यही मौत का पैगाम लेकर आया?
मिर्जापुर सड़क हादसा की पूरी जानकारी
ये दुखद घटना गोदाम के पास वाराणसी-प्रयागराज नेशनल हाईवे पर हुई। प्रयागराज के सोरांव तहसील के दौलतपुर गांव निवासी 22 वर्षीय अनुराग यादव अपने कैंसर से पीड़ित पिता श्याम कृष्ण यादव को वाराणसी ले जा रहे थे। स्विफ्ट कार अनुराग चला रहे थे।
ट्रक के चालक और परिचालक चाय पीने दूसरी लेन चले गए थे। तभी लौटते वक्त कार ने पहले उन्हें रौंदा, फिर ट्रक में जा घुसी। श्याम कृष्ण और अनुराग की मौके पर मौत हो गई। चालक व परिचालक को कछवा स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों को कब्जे में ले पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
ऐसा अनुमान लगाया जाता है की, सड़क पर घना कोहरा छाया हुआ था। कुछ रिपोर्ट बताती हैं कि चालक को झपकी आ गई होगी, जबकि दूसरों ने स्पीड को जिम्मेदार ठहराया। सुबह-सुबह हाईवे पर बहुत कम लोग थे, लेकिन ये हादसा पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया। पुलिस और स्थानीय लोगों ने राहत कार्य में सहयोग किया।
सोरांव पिता-पुत्र की दर्द भरी कहानी
श्याम कृष्ण यादव लंबे समय से कैंसर से लड़ रहे थे। बेटा अनुराग उनके इलाज के लिए हर संभव कोशिश कर रहा था। परिवार के लिए वाराणसी का महामना कैंसर अस्पताल आखिरी उम्मीद था। सोरांव में ये खबर आग की तरह फैली। गांव वाले सदमे में हैं—एक तरफ बीमारी से जंग, दूसरी तरफ सड़क दुर्घटना का खौफनाफ कहर।
ये पहली घटना नहीं है। मिर्जापुर का वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पहले भी हादसों का शिकार रहा। तेज रफ्तार, कोहरा और खराब प्रकाश सब मौत का कारण बनते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि स्पीड ब्रेकर और साइन बोर्ड नहीं हैं।
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