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शुक्रवार, दिसम्बर 5, 2025

प्रयागराज जंक्शन बना NCR का सर्वाधिक कमाई करने वाला स्टेशन

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क्या आपने कभी सोचा है कि उत्तर भारत के बड़े रेल नेटवर्क में कौन-सा स्टेशन सबसे ज़्यादा कमाई करता है? प्रयागराज जंक्शन ने उत्तर मध्य रेलवे में इतिहास रच दिया है। कानपुर सेंट्रल को पछाड़ते हुए यह एनसीआर का सबसे ज्यादा कमाई करने वाला स्टेशन बन गया। 2024-25 में 551 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कमाई ने संगम नगरी की रेल यात्रा को नई ऊंचाई दी है।

NCR टॉप कमाई स्टेशन के आंकड़े

27 नवंबर 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रयागराज जंक्शन ने NCR में सभी स्टेशनों को पीछे छोड़कर सबसे अधिक राजस्व हासिल किया है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रयागराज जंक्शन अब NCR के “टॉप-टेन” स्टेशनों में भी है।

प्रयागराज जंक्शन ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 551 करोड़ रुपये कमाए, जबकि कानपुर सेंट्रल ने 488 करोड़ रुपये कमाए। 2023-24 में प्रयागराज जंक्शन 411.98 करोड़ था, यानी 140 करोड़ की छलांग लगाई।

महाकुंभ 2025 का असर जबरदस्त रहा। करोड़ों लोग संगम पहुंचे, जिसके लिए 450 से अधिक खास ट्रेनें चलाई गईं। टिकट काउंटरों पर लंबी लाइनों ने कमाई के पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए, जब ट्रेनें दिन-रात पैक रहीं।

एनसीआर के टॉप स्टेशनों की सूची देखें

  • प्रयागराज जंक्शन: 551 करोड़
  • कानपुर सेंट्रल: 488 करोड़
  • छिवकी: 147 करोड़
  • सूबेदारगंज: 87 करोड़
  • टूंडला: 75 करोड़

रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल से अक्टूबर 2025 तक ही प्रयागराज जंक्शन ने 288.30 करोड़ कमा लिए, जो कानपुर के 278.60 करोड़ से आगे है।

प्रयागराज स्टेशनों का गौरवशाली सफर

प्रयागराज जंक्शन लंबे समय से व्यस्त रहा है, लेकिन महाकुंभ ने इसमें काफी वृद्धि की थी। छिवकी स्टेशन ने सबको चौंकाया, जो 147 करोड़ कमाकर एनएसजी-2 कैटेगरी में जगह बना ली। पहले यह सिर्फ कानपुर, झांसी जैसे बड़े स्टेशनों की लीग थी।​

सूबेदारगंज ने 87 करोड़ के साथ एनएसजी-3 ग्रेड पाया। चित्रकूट, फतेहपुर भी इस सूची में। एनसीआर के टॉप 50 में 24 स्टेशन प्रयागराज मंडल के हैं, जो मंडल की ताकत दिखाता है।​

रेलवे ने सुविधाओं पर जोर दिया, पुनर्विकास, स्पेशल ट्रेनें, भीड़ प्रबंधन। सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी कहते हैं, “यात्री आय से ज्यादा फोकस सुविधाओं पर है। गर्मी-त्योहारों में रिकॉर्ड स्पेशल ट्रेनें चलीं।”

भविष्य की उम्मीदें

NCR टॉप कमाई स्टेशन में प्रथम स्थान की उपलब्धि प्रयागराज के लिए गर्व का विषय है। छोटे स्टेशन जैसे छिवकी चमके, तो स्थानीय व्यापार और रोजगार बढ़ा। महाकुंभ ने रेलवे को नया जीवन दिया, लाखों यात्रियों ने शहर को जीवंत बनाया। एनसीआर के 408 स्टेशनों में ग्रेडिंग से छोटे स्टेशन मजबूत हुए। प्रयागराज मंडल अब कमाई में अव्वल, जो विकास की कहानी बयां करता है। उम्मीद है कि यह रफ्तार बनी रहे, और प्रयागराज रेलवे हब बने। कानून-व्यवस्था सुधारें, तो और ऊंचाइयां छुएंगे। कुल मिलाकर, यह संगम नगरी की जीत है। 

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