मतदाता सूची का सही होना लोकतंत्र के सुचारू संचालन के लिए जरूरी है। प्रयागराज में हाल ही में हुई मतदाता सूची के गहन सत्यापन में सामने आया कि सूची में 41 हजार से अधिक ऐसे मतदाताओं के नाम हैं जो मृतकों के हैं। इस समस्या ने चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा किए हैं और प्रशासन को तेजी से सुधार के लिए प्रेरित किया है।
SIR समीक्षा में क्या मिला?
4 नवंबर से 4 दिसंबर तक उत्तर प्रदेश में “विशेष गहन पुनरीक्षण” (SIR) अभियान चल रहा है। बूथ-स्तरीय अधिकारी (BLO) हर घर जाकर गणना पत्र बाँट रहे हैं और फॉर्म वापस ले रहे हैं। मतदाता सूची में 46,92,860 मतदाता हैं, जिनमें से 9,91,173 फॉर्म डिजिटाइज कर लिए गए हैं। खबरों के अनुसार, प्रयागराज में SIR ड्राइव के दौरान BLO ने पाया कि मतदाता सूची में 41,000 से अधिक “मृतक” नाम थे।
इसके अतिरिक्त और भी विसंगतियाँ मिल रही हैं: लगभग 39,737 मतदाता स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो गए, जबकि 5,049 मतदाता “अनुपस्थित” हैं या ऐसे स्थिति में हैं जहाँ उनका फॉर्म स्वीकार्य नहीं है। BLO केवल स्थानीय मतदाता सूची पर नहीं, बल्कि पूरे देश की मतदाता सूचियों का मिलान कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि कोई व्यक्ति का नाम एक (या अधिक) स्थानों पर तो दोहरा दर्ज न हो। कोरांव विधानसभा क्षेत्र में डिजिटाइजेशन की गति सबसे तेज है, जहां 34.09% फॉर्म डिजिटाइज हो चुके हैं।
SIR समीक्षा की जरूरत
उत्तर प्रदेश सहित देश के कई हिस्सों में मतदाता सूची में मृतक और अनावश्यक नामों की समस्या दशकों से चली आ रही है। इससे चुनावी प्रक्रिया में खामियां आती हैं, जिसमें फर्जी वोट डालने का खतरा बढ़ जाता है। प्रयागराज की स्थिति में यह समस्या और गंभीर हो जाती है क्योंकि यहां मतदाताओं की संख्या करोड़ों में है और पुराने रिकॉर्ड में गड़बड़ियां हैं। डिजिटाइजेशन और सत्यापन की इस मुहिम से चुनावों की पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास हो रहा है।
जिला प्रशासन ने मतदाता सूची को सही करने के लिए विशेष प्रयास किए हैं। डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मिलकर समन्वय बनाया है। साथ ही, मतदाताओं को टोल फ्री हेल्पलाइन उपलब्ध कराई गई है, जहां वे किसी भी समस्या को मतदाता सूची से संबंधित बता सकते हैं।
सारांश
लोकतंत्र की स्थायित्व के लिए मतदाता सूची में मर चुके मतदाताओं के नाम की समस्या एक चुनौती है। विशेष सत्यापन अभियान प्रयागराज में इस समस्या को दूर करने की कोशिश कर रहा है। ताकि आने वाले चुनाव पारदर्शी और निष्पक्ष हों, पूरे जिले में डिजिटाइजेशन के माध्यम से मतदान लिस्ट को शुद्ध और विश्वसनीय बनाया जा रहा है।
प्रयागराज मंडल में रेलवे आकड़े के अनुसार 11 महीनों में ट्रेन की चपेट में आने से अब तक हो चुकी है 936 मौते।

