लोकतंत्र का आधार मतदाता सूची की सटीकता है। मतदान का महत्व अगर उसमें त्रुटियाँ हों, जैसे डुप्लिकेट नाम, पुराने पते या गायब मतदाता, तो पूरा महत्व कअम हो जाएगा। इस चिंता को दूर करने के लिए प्रयागराज जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2025 का अभियान चल रहा है। हाल ही में पता चला है कि इस प्रक्रिया में 98% से अधिक एन्युमरेशन फॉर्म (EFs) वितरित कर दिए गए हैं। यह आंकड़ा बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाता है कि निर्वाचन अधिकारी इसे सफल बनाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
SIR 2025: प्रक्रिया की मुख्य बातें और वर्तमान स्थिति
- 4 नवंबर को SIR का यह चरण शुरू हुआ, और 4 दिसंबर तक फॉर्म वितरण और भराई का लक्ष्य है। जिले में 4,713 बूथ-लेवल ऑफिसर्स (BLOs) हैं, प्रत्येक BLO को अपने बूथ क्षेत्र की देखभाल दी गई है।
- पहले दो दिनों में BLOs को प्रशिक्षण दिया गया था ताकि वे 2003 की मतदाता सूची की तुलना कर सकें, डुप्लीकेट प्रविष्टियों को पहचान सकें और नए योग्य मतदाताओं को जोड़ सकें।
- चार-पांच स्तर की निगरानी इस अभियान की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लगाई गई है— इसमें 484 सुपरवाइजर, 84 इलेक्शन रिकॉर्डिंग ऑफिसर (ERO) और दो अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADMs) शामिल हैं।
- अब तक 32,000 से अधिक एन्युमरेशन फॉर्म जमा किए जा चुके हैं और उन्हें डिजिटाइज़ किया जाना शुरू हो गया है।
- फॉर्म जमा करने की अवधि के बाद (जो 4 दिसंबर तक है), ड्राफ्ट मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) प्रकाशित की जाएगी।
- इसके बाद 9 दिसंबर से 8 जनवरी तक दावा और आपत्ति की अवधि होगी। फिर पुष्टि और सुनवाई होगी, और 7 फरवरी 2026 को अंतिम सूची जारी की जाएगी।
SIR क्यों जरूरी है?
- विधानसभा क्षेत्रों में पहली बार वोट देने योग्य बहुत से युवा मतदाता होंगे। ऐसे में उनकी पहचान और नामांकन की आवश्यकता है।
- डुप्लिकेट प्रवेश को दूर करने और सूची को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए, BLos को वर्तमान और पहले की सूची की तुलना करने का काम सौंपा गया है।
- ECI (ईलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया) ने यह सुनिश्चित किया है कि हर जगह पर्याप्त कर्मचारियों और निगरानीकर्ताओं की उपस्थिति हो, ताकि फॉर्म वितरण प्रक्रिया निष्पक्ष और सफल हो सके।
- मतदाता फॉर्म ऑनलाइन भी भरे जा सकते हैं, जिससे वे घर बैठे अपनी जानकारी भर सकें और BLO को वापस दे सकें।
- संशोधित मतदाता सूची के साथ, 461 नए मतदान बूथ बनाए जाएंगे ताकि हर 1,200 मतदाता के लिए एक बूथ सुनिश्चित किया जा सके।
सारांश
Special Intensive Revision(SIR) 2025 अभियान, जो प्रयागराज में चल रहा है, एक महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक कदम है। यहां के निर्वाचन अधिकारी और BLOs ने 98% से अधिक अधिग्रहण फॉर्म वितरित किए हैं। यह न सिर्फ एक संख्यात्मक उपलब्धि है, बल्कि यह भी विश्वास पैदा करता है कि निर्वाचन प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी, सटीक और समावेशी होगी।

