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गुरूवार, दिसम्बर 4, 2025

प्रयागराज में रोड-रेज: सेना के जवान की रॉड से पिटाई के बाद मौत

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प्रयागराज के करछना क्षेत्र में एक छोटी सी सड़क पर गाड़ी पास न देने के विवाद ने एक सेना जवान की जान ले ली। इलाज के दौरान विवेक कुमार सिंह, जो अपनी बहन की शादी में घर लौट रहे थे, उन पर सब-इंस्पेक्टर और उसके साथियों ने हमला कर दिया। यह घटना परिवार के अलावा पूरे इलाके में रोड रेज की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी प्रश्नचिन्ह लगा रही है।

सेना जवान हत्या घटना की पूरी खबर 

शनिवार देर रात करछना थाना क्षेत्र के धरवारा मोड़ के पास विवेक सिंह अपनी गाड़ी से जा रहे थे। बरात से लौट रही एक स्कॉर्पियो से ओवरटेक करने को लेकर कहासुनी हो गई। पहले तो मामला शांत हो गया, लेकिन जैसे ही विवेक गाड़ी में बैठे, स्कॉर्पियो सवारों ने पीछे से उनके सिर पर लोहे जैसी भारी चीज से वार कर दिया।​

वह मौके पर बेहोश हो गिर पड़े। परिजन उन्हें करछना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताकर लखनऊ के मिलिट्री अस्पताल रेफर कर दिया। सोमवार भोर करीब तीन बजे सिर की गंभीर चोटों से विवेक की मौत हो गई। मृतक 30 वर्षीय विवेक दिल्ली में तैनात थे और करछना के धरवारा गांव के रहने वाले थे। उनके पिता उमाकांत सिंह सेना से सूबेदार के पद से रिटायर्ड हैं।​

पिता की तहरीर पर करछना थाने में हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। आरोपी सब-इंस्पेक्टर राजकमल पांडेय (मिर्जापुर में तैनात), वकील और स्कॉर्पियो मालिक दिनेश कुमार यादव, सेना जवान राजीव ठाकुर, तथा भाईलाल यादव और राजू अग्रहरि (नैनी चकरा तिवारी के निवासी) हैं। सभी पांचों नामजद आरोपियों को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव ने पुष्टि की कि सिर पर वार से मौत हुई और सभी के खिलाफ कार्रवाई चल रही है।

आरोपी और उनका बैकग्राउंड

रोड रेज में शामिल लोगों का मिश्रित बैकग्राउंड है। एसआई राजकमल पांडेय मिर्जापुर में पोस्टेड हैं, जबकि दिनेश कुमार यादव वकील हैं। राजीव ठाकुर भी सेना में जवान हैं, जो इस घटना को और शर्मनाक बनाता है। बाकी दो नैनी के स्थानीय निवासी बताए जाते हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपी पक्ष का दावा है कि विवेक पास नहीं दे रहे थे, लेकिन यह बहाना नहीं बन सकता।

सेना जवान हत्या में पुलिस की कार्रवाई 

पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए सभी को गिरफ्तार किया, जो सराहनीय है। डीसीपी ने कहा कि सख्त कार्रवाई होगी। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह केस नजीर बनेगा? रोड रेज रोकने के लिए जागरूकता अभियान और सख्त कानून की जरूरत है। परिवार को न्याय मिले, यही प्रार्थना है।

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