उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने शुक्रवार, 3 अक्टूबर को प्रयागराज से मो. नसीम पुत्र अच्छे मियां (निवासी-ग्राम ककरा, थाना नबाबगंज, प्रयागराज) को गिरफ्तार कर लिया। चंदौली पुलिस ने मो. नसीम को गैंगस्टर एक्ट के तहत 50,000 रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। वह प्रयागराज के थाना पूरामुफ्ती क्षेत्र के पास न्यू बमरौली एयरपोर्ट इलाके में गिरफ्तार हुआ।
प्रयागराज गैंगस्टर नसीम से जुड़ी खास खबरें
नसीम पशु तस्करी और संगठित गिरोह का संचालन से जुड़ा हुआ था। पूछताछ में उसने स्वीकारा कि उसका नेटवर्क दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, असम और बंगाल में है। गाय-बैल इन क्षेत्रों से तस्करी कर पूर्वोत्तर राज्यों मे भेजी जाती थी।
वह 2023 में गैंगस्टर एक्ट का मामला दर्ज करने के बाद से फरार था। वह गोकशी, अवैध हथियार, धोखाधड़ी, 420, 429, पशु क्रूरता अधिनियम और कई IPC धाराओं में दर्ज मामलों में शामिल है। गिरफ्तार करने के बाद, उसे चंदौली थाने के गैंगस्टर एक्ट (मुकदमा 292/2023) में दाखिल कर आगे की कानूनी कार्रवाई की गई है।
प्रयागराज गैंगस्टर नसीम केस की पृष्ठभूमि
मो. नसीम लंबे समय से चंदौली और प्रयागराज के गैंगस्टर और गोकशी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। पिछले एक वर्ष से, स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने उसे पकड़ने की कोशिश में है। वह फरारी के दौरान अपनी पहचान छिपाकर दिल्ली, अहमदाबाद और मुंबई जैसे कई शहरों में रह रहा था।
उसके गिरोह के कई लोग पहले ही गिरफ्तार किए गए हैं और उसके नेटवर्क की पूरी जानकारी पुलिस पूछताछ में जुटाई जा रही है। पुलिस-प्रशासन ने उसके खिलाफ NBW व कुर्की कार्यवाही की थी और आखिरकार एसटीएफ ने उसे दबोच लिया। पुलिस-प्रशासन ने उसके खिलाफ NBW(नॉन बेलेबल वारंट) व कुर्की कार्यवाही की थी और आखिरकार एसटीएफ ने उसे दबोच लिया।
समापन
मो. नसीम जैसे क्रूर संगठित गैंग के प्रमुख की गिरफ्तारी प्रयागराज में एसटीएफ और पुलिस प्रशासन की त्वरित और तथ्याधारित कार्रवाई है। इससे स्थानीय लोगों का विश्वास बढ़ गया है और गठित अपराधियों में खौफ पैदा होगा। साथ ही, प्रशासन द्वारा नेटवर्क के बाकी लोगों की धरपकड़ जारी है, जिससे गोकशी व तस्करी पर नियंत्रण की उम्मीद जगी है।
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