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शनिवार, मई 2, 2026

प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ा, बजरंग बली मंदिर नें चौथी बार स्नान किया 

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प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है और बाढ़ की चिंता सामने आने लगी है। इस साल बजरंग बली का चौथी बार स्नान हो चुका है। 26 अगस्त 2025 के सुबह 10:30 बजे के ताजा अपडेट के अनुसार यमुना का जलस्तर 82.60 मीटर और गंगा का जलस्तर 84 मीटर के करीब है। स्थानीय प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए अलर्ट जारी करते हुए राहत कार्य तेज कर दिए हैं।

बाढ़ अपडेट: जलस्तर और बाढ़ की स्थिति

गंगा का पानी का स्तर: सुबह 10:30 बजे, गंगा नदी का जलस्तर 83 मीटर के पास पहुंच गया है। जबकि फाफामऊ में 81 मीटर जो लगभग 143 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। बक्शी बांध में जलस्तर 83 के करीब बहाव है। जिससे आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका है।

यमुना का पानी का स्तर: यमुना का स्तर 82.60 मीटर था, पिछले 24 घंटों में करीब 288 सेंटीमीटर बढ़ा है। 

संबंधित क्षेत्र: नैनी ब्रिज, करेली, कछारी क्षेत्रों और संगम के मोहल्लों पर जलभराव का प्रभाव दिखाई देता है। नाव स्थानीय लोगों को ले जाती है।

प्रशासनिक योजना: 88 बाढ़ चौकियां और चार राहत शिविर अस्तित्व में हैं। बिजली विभाग ने जलमग्न क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति रोकी है। बाढ़ से पीड़ित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है।

लेटे हुए हनुमान जी ने किया चौथी बार स्नान 

सोमवार को यमुना-गंगा के जलस्तर में इतनी तेजी से वृद्धि देखी गई। सुबह जो जलस्तर आरती स्थल तक था वो दोपहर तक मंदिर में प्रवेश कर गया और हनुमान जी नें चौथी बार स्नान किया। पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है जिससे एक बार फिर मंदिर के जलमग्न होने की आशंका है। 

बाढ़ की लगातार बढ़ती आशंका

मौसम विभाग द्वारा जारी भारी बारिश के अलर्ट और आसपास के पहाड़ी इलाकों से लगातार नदियों में पानी के छोड़े जाना इस स्थिति का मुख्य कारण है। यमुना नदी में  चम्बल नदी, मध्य प्रदेश की बेतवा और टोंस नदी से भी तेज पानी आ रहा है। पिछले महीने भी बाढ़ के कारण लोगों के घर छोड़ के राहत शिविर में शरण लेनी पड़ी थी। जिसका खतरा लगातार फिर मंडरा रहा है। 

प्रयागराज बाढ़ अपडेट 28 अगस्त

आज प्रयागराज बाढ़ अपडेट लगभग 12:35 बजे के अनुसार, गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर लगभग 84 मीटर के करीब है और खतरे के निशान 84.734 मीटर के बहुत पास है। नैनी में यमुना का जलस्तर 84.9 मीटर है, जबकि फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 84.39 मीटर है।

प्रशासन ने राहत शिविर बनाए हैं क्योंकि जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे कई क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं।

निष्कर्ष

अब तक, प्रयागराज में गंगा और यमुना चार बार बाढ़ की सीमा को पार कर चुकी हैं। प्रशासन ने राहत शिविरों और बचाव कार्यों को चालू करने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए हैं। स्थानीय लोगों को सतर्क रहना चाहिए और सरकारी निर्देशों का पालन करना चाहिए। अब भी बारिश की संभावना है, इसलिए आगामी दिनों में मौसम विभाग की रिपोर्ट का ध्यान रखना आवश्यक है।

प्रयागराज में ई-साइकिल सेवा योजना का किया जाएगा ट्रायल। 

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