प्रयागराज के फाफामऊ क्षेत्र से एक ऐसी धर्मांतरण से जुड़ी घटना सामने आई है। एक विधवा महिला अपनी 15 साल की बेटी को बचाने के लिए पुलिस से गुहार लगाई है। एक पड़ोसी ने साजिश रचकर बच्ची का ब्रेनवाश किया और धर्मांतरण की कोशिश की।
प्रयागराज फाफामऊ धर्मांतरण मामला का पूरा विवरण
फाफामऊ क्षेत्र में रहने वाली एक विधवा महिला, जिनके पति की पांच साल पहले मृत्यु हो गई थी, आसपास के घरों में काम करके अपनी तीन बच्चों का पालन-पोषण करती है। बड़ी बेटी 15 साल की, बारह साल की छोटी बेटी और पांच साल का बेटा है। महिला का आरोप है कि उनकी बड़ी बेटी को दूसरे समुदाय की एक महिला ने बहला-फुसलाकर ब्रेनवाश किया। इसमें आरोपी महिला की करेली में रहने वाली विवाहित बेटी भी शामिल है।
15 जनवरी को बच्ची को कथित तौर पर अपहरण कर शहर के एक आईवीएफ सेंटर ले जाया गया, जहां गैरकानूनी तरीके से उसका इस्तेमाल कर धन कमाने की कोशिश की गई। 21 जनवरी को शिकायत फाफामऊ थाने में दर्ज की गई, लेकिन महिला का कहना है कि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई नहीं की। मंगलवार को प्रयागराज जंक्शन के पास भटकती मिली बच्ची को कुछ लोगों ने वन स्टॉप सेंटर भेज दिया, जहां उसे रखा गया है। उसी दिन महिला ने पुलिस आयुक्त को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग की।
फाफामऊ थाना प्रभारी अश्वनी सिंह ने बताया कि शिकायत पर बच्ची से पूछताछ की गई, लेकिन कोई साबित धर्मांतरण का नहीं पाया गया। उनका कहना है कि बच्ची परिवार में रहना ही नहीं चाहती और मामला मां-बेटी के आपसी विवाद का प्रतीत होता है। अभी भी जांच जारी है।
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