प्रयागराज की संगम नगरी हमेशा से आस्था का केंद्र रही है, लेकिन अब ये आर्थिक क्षेत्र में भी कमाल कर रही। पिछले साल जनवरी में भव्य महाकुंभ के दौरान जहां जीएसटी कलेक्शन 262.72 करोड़ रुपये था, वहां इस साल माघ मेला की जनवरी में ये आंकड़ा चढ़कर 285.91 करोड़ हो गया। यानी माघ का व्यापारिक पक्ष महाकुंभ से भी अधिक था। न केवल वाणिज्य कर विभाग इस खबर से खुश है, बल्कि हैरान भी कर रही है।
प्रयागराज माघ मेला जीएसटी कलेक्शन
ताजा राज्य वाणिज्य कर विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रयागराज जोन ने जनवरी 2026 में 285.91 करोड़ रुपये एकत्रित कीये। जबकि जनवरी में पिछले साल महाकुंभ में 262.72 करोड़ रुपये थी। इस साल 8.83% की शानदार वृद्धि देखी जा सकती है।
यहां साल-दर-साल तुलना देखिए –
| माह व वर्ष | जीएसटी कलेक्शन (करोड़ रुपये में) |
| जनवरी 2026 | 285.91 |
| जनवरी 2025 | 262.72 |
| जनवरी 2024 | 178 |
| जनवरी 2023 | 172.37 |
| जनवरी 2022 | 161.44 |
| जनवरी 2021 | 144.71 |
देश में जीएसटी ग्रोथ 6.2% रहा, लेकिन प्रयागराज 8.83% के साथ यूपी के टॉप 5 में आ गया है। यूपी के टॉप पांच क्षेत्रों में प्रयागराज चौथे स्थान पर है। गौतमबुद्ध नगर पहला (13.13%), दूसरा बरेली (12.17%) और तीसरा इटावा (9.98%)।
विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक मेलों के दौरान बढ़ती व्यापारिक गतिविधियाँ, बिलिंग और डिजिटल लेनदेन की बढ़ती प्रवृत्ति इस वृद्धि का मुख्य कारण रहे हैं।
प्रयागराज में कैश के साथ लाखों की ज्वेलरी शॉप से लेकर चोर गायब।

