प्रयागराज में फिर से चिमटा गैंग की सक्रियता ने लोगों की सुरक्षा को चिंतित कर दिया है। यह गैंग बिना कार्ड के ही एटीएम से पैसे निकाल रहा है, जो आम जनता को भयभीत कर रहा है। इस खबर में चिमटा गैंग की पिछली गतिविधियों, उनके तरीकों, पुलिस की कार्रवाई और मामले का सामाजिक असर बताया गया है।
क्या कर रहा है चिमटा गैंग एटीएम बूथ में?
प्रयागराज में हाल ही में “चिमटा गैंग” फिर से सक्रिय पाया गया है। गिरोह लोहे का चिमटा-नुमा उपकरण एटीएम मशीन के कैश डिस्पेंसर शटर में डालता है।
मशीन सामान्य कार्रवाई करती है जब कोई ग्राहक पैसे निकालने आता है – कार्ड, पिन, प्रक्रिया, सब कुछ, लेकिन नोट नहीं निकलते। ग्राहक को लगता है कि पैसे लीक नहीं हुए या मशीन खराब है। इसी दौरान खाते से राशी कट जाती है। बाद में, गिरोह का एक सदस्य चिमटे में फंसे नोट निकालकर उस बूथ से भाग जाता है।
गिरोह ने पाया कि कुछ बूथों में सीसीटीवी कैमरे होते हैं या चिमटा को उस दिशा में नहीं देखते हैं जहाँ वह फंसा हुआ था। वे मास्क, टोपी और सनग्लास का उपयोग करके अपनी पहचान छिपाते हैं। बैंक अथवा ग्राहकों द्वारा इतनी जल्दी तुरंत शिकायत न किए जाने की स्थिति में गिरोह को मौके का फायदा मिलता है।
“चिमटा गैंग” का इतिहास क्या है?
यह मामला नया नहीं है। 2020 में भी गिरोह सक्रिय था, जब पुलिस ने शाकिर अली नामक एक सदस्य के खिलाफ मामले दर्ज किए थे। जबकि चिमटा गैंग के सदस्य बहादुर सिंह, तौफीक खान और आदिल अहमद गिरफ्तार भी किए गए थे। उसी वर्ष गिरफ्तार हुए लोगों से नकदी, डेबिट कार्ड, चिमटा आदि बरामद हुए थे।
2024 में भी प्रयागराज में ऐसे ही तीन मामले सामने आए, जिसमें केनरा बैंक की अल्लापुर शाखा के एटीएम में चिमटा डालकर पैसे उड़ाए गए। इस तरह, यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय रहा है और अपनी तकनीक को कई क्षेत्रों में फैलाया है।
आप कैसे रहें सुरक्षित?
- एटीएम बूथ में प्रवेश करने पर आसपास देखें, कोई संदिग्ध व्यक्ति खड़ा तो नहीं है, मशीन स्लॉट या डिस्पेंसर में कुछ फंसा दिख रहा तो नहीं।
- यदि मशीन में कार्ड डालने एवं पिन इंटर करने पर पैसे कट गए पर निकले नहीं तो तुरंत बैंक की हेल्पलाइन (जैसे 1930) पर संपर्क करें।
- बूथ में पहले से लगे उपकरणों, जैसे डिस्पेंसर शटर यदि असामान्य दिखे या स्लाट ढीला हो कुछ बाहर निकला हो या मशीन की लाइट अचानक बंद हो गई हो तो सतर्क रहने की जरूरत है।
- मशीन से निकलते समय पर्चा/रसीद रखें, भविष्य में शिकायत के लिए ये प्रमाण बन सकती है।
सारांश
प्रयागराज में एक बार फिर “चिमटा गैंग” सक्रिय हो गया है – एक ऐसा गिरोह जो पुराने तरीके को बदल दिया है: नकदी नहीं निकलती लेकिन खाते से पैसे कट जाते हैं। यह बैंकिंग सुरक्षा चुनौती हमें चेतावनी देती है कि हम खुद सतर्क रहें, बैंकों और पुलिस को सतर्क करें और सिस्टम में सुधार के बारे में अधिक जागरूकता बनाएं।
प्रयागराज में बनने जा रहा भारत-जापान सांस्कृतिक संगम पार्क।

