प्रयागराज नगर निगम ने शहरवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नगर निगम ने कहा कि शहर के सभी आठ क्षेत्रों में बच्चों के लिए आधुनिक पार्क बनाए जाएंगे। बच्चों के लिए नए पार्क ना सिर्फ मनोरंजन बल्कि स्वस्थ जीवनशैली और स्वच्छ वातावरण की ओर भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रयागराज में बच्चों के लिए नए पार्क की योजना
- कुल आठ जोन में पार्क बनाए जाएंगे: खुल्दाबाद, मुट्ठीगंज, नैनी, फाफामऊ, झूंसी, अल्लापुर , कटरा और ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्रों में।
- परियोजना का अनुमानित खर्च लगभग 20 करोड़ रुपये है। नगर निगम में औपचारिक प्रस्ताव पारित कर प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी।
- जमीन को चिह्नित किया जा रहा है और अगले वर्ष निर्माण शुरू होने की संभावना है। स्थानीय पार्षदों से भी पार्क बनाने के लिए सुझाव लिया जाएगा।
- प्रत्येक जोन में एक बड़ा बच्चों का पार्क बनाने की योजना है। इसके अतिरिक्त पुराने पार्कों का सर्वेक्षण कर, आवश्यकतानुसार उसमें सुधार करेगा या नया पार्क बनाया जाएगा।
सुविधाएँ: जो बच्चों के लिए नए पार्क में होंगी
प्रयागराज नगर निगम ने अपने नए पार्कों में बच्चों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कई आधुनिक सुविधाएँ शामिल करने की योजना बनाई है। बच्चों को सुरक्षित और आनंददायक स्थान पर खेलने के लिए इन पार्कों में अत्याधुनिक झूले, स्लाइड्स और प्ले स्टेशन होंगे। छोटे बच्चों को आकर्षित करने के लिए पार्कों में धातु और फाइबर से बने पशु और कार्टून मॉडल भी लगाए जाएंगे, जैसे तितली, गिलहरी, घोड़ा और हाथी। बच्चों का मनोरंजन करने के साथ-साथ पार्क उनकी कल्पनाशक्ति में भी वृद्धि करेगा।
इन पार्कों में वरिष्ठ लोगों के लिए भी पार्क में आरामदायक बेंच और बैठने की पर्याप्त जगह की व्यवस्था होगी।
बच्चों के लिए नए पार्क की जरूरत क्यों?
प्रयागराज जैसे बड़े शहर में बच्चों के लिए सुरक्षित खेलने के स्थानों की कमी है। सीमित खुले स्थानों और अधिक ट्रैफिक के कारण छोटे बच्चे पार्कों से दूर रहे है।
पिछले कुछ वर्षों में, नगर निगम ने कालिंदीपुर और चौफटका क्षेत्र के पार्कों को सुधार किया है। लेकिन अब यह नया कदम अधिक विस्तृत है क्योंकि इसमें हर जोन शामिल है।
सारांश
प्रयागराज के सभी आठ क्षेत्रों में बच्चों के लिए पार्क बनाने की योजना न सिर्फ शहर की जरूरत को पूरा करेगी बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ और हरित वातावरण का भी आधार बनेगी। प्रयागराज वास्तव में “हर ज़ोन में हरियाली” का उदाहरण बन सकता है। यदि यह परियोजना समय पर और गुणवत्ता से पूरी होती है।
ग्रामीण स्वच्छता सुर्वे-2025 में प्रयागराज अव्वल।

