प्रयागराज ज़िले में ग्रामीण विकास योजनाओं का कार्यान्वयन चौंकाने वाला है। 28 ग्राम पंचायतों ने पिछले वित्तीय वर्ष में पंचम वित्त आयोग से मिली धनराशि को खर्च नहीं किया। सड़क, नाली और पेयजल आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ। जब प्रयागराज पंचायत नोटिस मामला सामने आया, जिला प्रशासन ने सभी पंचायतों को नोटिस थमा दिया और दो दिन में स्पष्टीकरण देने की चेतावनी दी।
प्रयागराज पंचायत नोटिस मामला क्या है?
जिला पंचायत राज विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पंचम वित्त आयोग ने वर्ष 2024-25 में पंचायतों को विकास कार्यों के लिए धन दिया। लेकिन 28 पंचायतों में कोई खर्च नहीं हुआ।
- नोटिस भेजे जाने वाली पंचायतें: बाहारिया ब्लॉक की चक बहादुरपुर (चकिया), भगवतपुर की लखनपुर, धनपुरु के अमेपुर, बानपुरवा पारातिपुर, चकिया गिरदोक्त, काजीपुर, खराहा, हंडिया ब्लॉक की अवसानपुर, बाला, पुरे बनाई, होलागढ़ ब्लॉक की अरुवाह, जसरा की देवरिया, करछना की नीबी, कौंधियारा की बकरावां, कोरांव की कुदार, मांडा की महुवा कला, ओटी, साइबेसा, उल्दा, सहसों की बेल्वा, सैदाबाद की रसूलपुर मवाइया, शंकरगढ़ की नेवरिया और पहारी कल्याण, शृंग्वेरपुर धाम की सरैया (कोरारी), उरुवा की छतवा उपरहार और कनेदा उपरहार।
- प्रशासन ने प्रत्येक पंचायत को दो दिन में रिपोर्ट देने का आदेश दिया है।
- खर्च का प्रमाण नहीं मिलने पर संबंधित पंचायतों पर अनुदान रोकने से लेकर विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की जा सकती है।
पंचम वित्त आयोग की मद(संदर्भ)
भारत में पंचायतों को विकास कार्यों के लिए नियमित धनराशि वित्त आयोग से मिलती है। इनका उपयोग करना चाहिए –
- ग्रामीण सड़कों के निर्माण व मरम्मत में
- पेयजल आपूर्ति और स्वच्छता सुधार में
- नालियों और जल निकासी व्यवस्था में
- स्ट्रीट लाइट, सामुदायिक भवन और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं में
योजना का लक्ष्य है कि गांव का बुनियादी ढांचा मजबूत किया जाए और लोगों का जीवन स्तर में सुधार आए। लेकिन प्रयागराज की इन पंचायतों में एक वर्ष बीत गया और कोई खर्च नहीं हुआ।
सारांश
प्रयागराज की 28 ग्राम पंचायतों द्वारा पूरे वित्तीय वर्ष में विकास कार्यों पर शून्य खर्च करना गंभीर लापरवाही है और ग्रामीण लोगों के भरोसे से खिलवाड़ है। प्रशासन का नोटिस सिर्फ एक चेतावनी है: पंचायतों को दो दिन में स्पष्ट जवाब देना चाहिए अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
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