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बुधवार, फ़रवरी 18, 2026

यमुना नदी पर नया रेलवे पुल: NCR का सर्वे पूरा, भूमि अधिग्रहण आरंभ को तैयार

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प्रयागराज की ऐतिहासिक विरासत में एक और आधुनिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। उत्तर मध्य रेलवे (NCR) ने यमुना नदी पर 160 साल पुराने रेल पुल के बगल में आधुनिक पुल के लिए सर्वेक्षण कार्य पूरा कर लिया है। अब इसके लिए जल्द ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पुल के निर्माण से रेलवे यातायात में सुधार, शहर की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों में भी बदलाव देखने को मिलेगा। 

नया यमुना रेलवे पुल की जानकारी 

  • NCR इंजीनियरिंग विंग ने हाल ही में नया यमुना रेलवे पुल का टेक्निकल सर्वे, स्थान चयन और आवश्यक संरचनात्मक अध्ययन पूरा किया है।
  • यह नया पुल, जिसकी लंबाई लगभग 1.5 किमी होगी। इसकी संरचना ‘ओपन वेब गर्डर’ पर बनाया जाएगा और पुराने नैनी ब्रिज के समानांतर होगा।
  • IIT रुड़की के विशेषज्ञों को डिजाइन और तकनीकी सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। ताकि नया पुल आधुनिक मानकों पर खरा उतर सके। 
  • भूमि अधिग्रहण जल्द शुरू होगा, इसका निर्माण कार्य 2031 के कुंभ मेले से पहले पूरा करने का लक्ष्य है।  
  • रेलवे प्रशासन का कहना है कि विवाद या देरी की संभावना कम है क्योंकि अधिग्रहण का अधिकांश हिस्सा रेलवे की अपनी जमीन पर है।

पुराने यमुना पुल के होते हुए क्यों बनाया जा रहा नया यमुना रेलवे पुल 

  1. वर्तमान यमुना पुल, जिसे नैनी ब्रिज भी कहा जाता है, 1865 में अंग्रेजों ने बनाया था. यह देश के सबसे पुराने रेल पुलों में से एक है।
  2. यात्रियों और मालगाड़ियों का दबाव पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ा है, जिससे पुराने पुल पर भार को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
  3. नए, अधिक मजबूत पुल की जरूरत को कुंभ मेले जैसे विश्वव्यापी कार्यक्रमों और देश भर में बढ़ती हुई परिवहन आवश्यकताओं ने उजागर किया।

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नया यमुना रेलवे पुल का स्थानीय व राष्ट्रीय प्रभाव

  • रेल सेवा में सुधार: तीसरी लाइन बनने के बाद मुंबई और अन्य व्यस्त स्थानों पर ट्रेनें तेज, सुरक्षित और निर्बाध रूप से होंगी।
  • भीड़ नियंत्रण और आने-जाने की सुविधा: इस साल के महाकुंभ नें यह एहसास दिला दिया है की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक और पुल की आवश्यकता है। कुंभ मेले या होली-दीवाली के दौरान भीड़ को नियंत्रित करना आसान होगा।
  • रोज़गार और स्थानीय व्यापार: स्थानीय स्तर पर सैकड़ों लोगों को निर्माण और बाद की देखरेख से काम मिलेगा। क्षेत्रीय आर्थिक क्रियाओं को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
  • ट्रैफिक जाम से रहित शहर: ट्रैनों की संख्या बढ़नें से ट्रैफिक दबाव कम होगा और मालवाहक वाहनों की आवाजाही में भी आसानी होगी। 

निष्कर्ष

यमुना नदी पर बनाया गया नया रेलवे पुल, प्रयागराज की ऐतिहासिक पहचान को एक नया विस्तार देगा। साथ ही आज की भारत की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण योगदान देगा। आने वाले वर्षों में प्रयागराज की कनेक्टिविटी, व्यापार, संस्कृति और सुविधाओं में नए शिखर छुएंगे। तकनीकी अध्ययन पूरा हो गया है और भूमि अधिग्रहण की सारी तैयारी पूरी हो गई है। 

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