2026 माघ मेला की तैयारियाँ प्रयागराज में अंतिम चरण में हैं। अब मेला प्रशासन, सामुदायिक संगठन और सेवा समुदायों ने मिलकर “फूड ऑन रिक्वेस्ट” सेवा शुरू की है। मेले में भोजन की उपलब्धता को आसान, त्वरित और आसान बनाने का यह महत्वपूर्ण कदम है।
फूड ऑन रिक्वेस्ट सेवा: क्या है और कैसे काम करेगी
माघ मेला 2026 में पहली बार श्रद्धालुओं और कर्मचारियों को फोन पर खाना मांगने की अनुमति दी जाएगी।
संगठन: यह सेवा “ओम नमः शिवाय” नामक समुदाय-आधारित सेवा संगठन द्वारा दी जाएगी, जो पहले कई धार्मिक आयोजनों में लंगर और भोजन सेवा के लिए जाना जाता है।
फोन ऑर्डर: श्रद्धालु या कामगार फोन करके भोजन की डिमांड कर सकते हैं।
30 मिनट में डिलीवरी: ऑर्डर मिलने के 30 मिनट के अंदर निर्धारित स्थान पर भोजन पहुंचाया जाएगा।
स्थानीय पहुंच: डिलीवरी के लिए बैटरी-ऑपरेटेड ऑटो-रिक्शा का उपयोग किया जाएगा — जिनमें से लगभग 20 विशेष रूप से इस सेवा के लिए रखे गए हैं।
सेवा में शामिल डिशेज़ में शामिल होंगे – रोटी, सब्ज़ी, पूड़ी, दाल, चावल, मिठाई तथा और भी स्थानीय पारंपरिक खाद्य पदार्थ। यह सेवा 24×7 उपलब्ध रहेगी, ताकि श्रद्धालु दिन या रात किसी भी समय आसानी से खाना पा सकें।
इस सेवा का महत्व और ज़रूरत
माघ मेला जैसे बड़े धार्मिक कार्यक्रम में भोजन और सुविधा की व्यवस्था करना एक बड़ी चुनौती है। प्रत्येक वर्ष, क्षेत्र में लाखों श्रद्धालु और श्रमिक मेला आते हैं और कई दिनों तक वहीं रहते हैं। ऐसे में सुरक्षित और समय पर भोजन की उपलब्धता महत्वपूर्ण है।
पहले:
- मेले में भोजन मुख्यतः लंगर और स्टालों के माध्यम से उपलब्ध होता था।
- भीड़ के कारण कई बार लोग इन बिंदुओं तक पहुंचने में समय गंवा देते थे।
अब:
- ‘फूड ऑन रिक्वेस्ट’ सेवा की मदद से
- श्रद्धालु सीधे फोन पर भोजन का अनुरोध कर सकते हैं।
- निर्धारित जगह पर 30 मिनट में डिलीवरी मिलती है।
यह सुविधा विशेष रूप से बुजुर्ग, बीमार, कामगार व जिन्हें चल-फिरने में कठिनाई हो सकती है उनके लिए बहुत मददगार साबित होने वाली है।
प्रयागराज में 28,000 परिवारों को जीरो पावर्टी कंपेन के अंतर्गत रोजगार, कौशल परीक्षण और रोजगार-संबंधी मौके दिए जाएंगे।

