back to top
गुरूवार, अप्रैल 30, 2026

UP की ‘Zero Poverty’ मुहिम: 28,000 परिवारों तक रोजगार और कौशल का आधार

Share

उत्तर प्रदेश सरकार ने गरीबी को दूर करने के लिए Zero Poverty Campaign नामक एक व्यापक अभियान शुरू किया है। मुख्य उद्देश्य है राज्य को भारत का पहला “ज़ीरो पॉवर्टी” बनाना, जहाँ बेहद गरीब परिवारों को मूलभूत सुविधाओं, रोजगार और कौशल की कमी नहीं होगी। विशेष रूप से प्रयागराज जैसे क्षेत्रों में लगभग 28,000 बेहद गरीब परिवारों को पहचाना जा रहा है और उन्हें रोजगार, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार-संबंधी मौके दिए जा रहे हैं।

प्रयागराज में अभियान की खासियत और परिणाम

प्रयागराज ज़िले में करीब 28,000 गरीब-परिवारों को Zero Poverty Campaign के अंतर्गत चिन्हित किया गया है, ताकि वे जिले की नौकरी मेलों, कौशल-प्रशिक्षण और रोज़गार योजनाओं का लाभ पा सकें।

Uttar Pradesh Skill Development Mission (UPSDM) को Zero Poverty Campaign से जोड़ा गया है। इस वर्ष प्रयागराज में 1,475 बेरोजगार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया था, जिनमें से 575 लोग प्रशिक्षण पूरा कर चुके हैं।

सरकार ने समावेशी विकास पर ज़ोर देकर 33% को महिलाओं को और 5% को विकलांगों को कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार प्राथमिकता दी है।

Zero Poverty Campaign: शुरुआत और मंशा

2 अक्टूबर 2024 को गांधी जयन्ती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘Zero Poverty Campaign’ को आधिकारिक रूप से शुरू किया। यह राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण सामाजिक कार्यक्रम है जो बेरोज़गारी, विकलांगता, गरीबी और आर्थिक असुरक्षा से जूझ रहे परिवारों को मदद करता है।

मुख्य लक्ष्य यह है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत से 10 से 25 परिवारों की पहचान की जाए, जो सरकारी योजनाओं, सीधे लाभ भुगतान (DBT), कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों से जुड़ सकें।

प्रयागराज में 21 साल के प्रतियोगी ने लगाई फांसी। 

Read more

Local News

hi_INहिन्दी