क्या आप सोच सकते हैं कि कोई अचानक आपको फोन करे, खुद को पुलिस अधिकारी बताए और डरा-धमकाकर आपके बैंक अकाउंट से पैसे उड़ा ले? आज के डिजिटल युग में ऐसा होना आम हो गया है। ऐसी ही चौंकाने वाली घटना सामने आई प्रयागराज में, जहां तीन युवकों ने खुद को पुलिस, सीबीआई, या क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर लोगों, खासकर महिलाओं को निशाना बनाया।
कैसे हुआ फर्जी पुलिस अधिकारी का खुलासा और गिरफ्तारी?
साइबर क्राइम थाना टीम को एक महिला ने शिकायत की कि किसी ने खुद को “एसपी लखनऊ” बताकर फोन किया और उसे अश्लील फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर डालने की धमकी दी। भयभीत महिला ने 1.15 लाख रुपये यूपीआई के माध्यम से ठगों के खाते में भेजे। पुलिस जांच से पता चला कि आरोपी शिवमोहन उर्फ लालू चौहान, दीपक सिंह और मोहन सिंह गिरोह के प्रमुख सदस्य हैं और कानपुर देहात से हैं।
तीनों की उम्र 19 से 21 साल के बीच में है। जांच में सामने आया की पुलिस, सीबीआई या क्राइम ब्रांच के फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को डराते थे। मोबाइल नंबर बदल-बदलकर खासकर महिलाओं को निशाना बनाते।अश्लील वीडियो या कंटेंट वायरल करने की धमकी देकर खाते से पैसे ठगते थे। आरोपियों के पास से 10 मोबाइल, 6 सिम, चेकबुक, पासबुक बरामद हुए। पुलिस ने बताया की कई जिलों में पहले से भी धांधली और ठगी के मामले दर्ज हैं।
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पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और अब आगे गिरोह के बाकी सदस्यों का पता लगाया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में माना कि वे पहले भी कई मामलों में लोगों को धमकाकर पैसे ठग चुके हैं। पुलिस ने डिजिटल फ्रॉड पर रोक के लिए आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है।
डिजिटल सुरक्षा आपकी जिम्मेदारी
यह प्रयागराज की घटना हमारे समाज में तेजी से फैल रहे साइबर अपराध के तरीकों को उजागर करती है। सरकारी एजेंसियों और आम लोगों दोनों को सतर्क और सतर्क रहना चाहिए ताकि वे साइबर ठगों और फर्जी अधिकारियों से बच सकें।
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