प्रयागराज के पवित्र त्रिवेणी संगम तट पर हर साल होने वाले माघ मेले में आस्था और उत्साह का एक अद्भुत संगम होता है। 2026 के माघ मेले में मकर संक्रांति, यानी 15 जनवरी, विशेष महत्व है जिस दिन लाखों लोग गंगा-यमुना-सरस्वती के तट पर पवित्र स्नान करने के लिए आते हैं। प्रशासन ने इस बार धार्मिक उत्सव को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए ड्रोन और अत्याधुनिक निगरानी तकनीकों का उपयोग किया है।
प्रयागराज माघ मेला 2026 मकर संक्रांति स्नान अपडेट
श्रद्धालुओं का जत्था मकर संक्रांति (14-15 जनवरी 2026) पर सुबह संगम की ओर बाढ़ चला। मेला क्षेत्र में 24 स्नान घाटों पर प्रभावी सुरक्षा कदम उठाए गए हैं और नदी धारा में बदलाव के कारण उनमें सुधार भी किया गया है। इस पर्व पर लगभग दो से दो करोड़ श्रद्धालु स्नान करने की उम्मीद है, जिनमें कल्पवासी और संत-महात्मा भी शामिल हैं।
बुधवार को ही 75 लाख से अधिक ने डुबकी लगाई थी। वहीं गुरुवार को अधिकारियों के अनुसार सुबह 6 बजे तक 9 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। अन्य रिपोर्टों के अनुसार दोपहर तक 72 लाख से अधिक लोगों ने गंगा-संगम में डुबकी लगाई। तो वही शाम के 4 बजे तक 91 लाख श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। हवाई निगरानी, हाईटेक ट्रैफिक कंट्रोल रूम और वायरलेस सेट से संचार जाम रोकने के लिए आठ संवेदनशील स्थानों को चिह्नित किया गया है और क्यूआरटी तैनात हैं।
सुरक्षा इंतजामों की मजबूती
10,000 से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बल स्थल पर तैनात। ड्रोन कैमरों और CCTV के माध्यम से भीड़ और आवाजाही पर रियल-टाइम निगरानी चल रही है। विशेष ATS मोबाइल यूनिट और वाटर पुलिस गंगा-यमुना किनारे सतर्क निगरानी कर रहे हैं। हवाई निगरानी, हाईटेक ट्रैफिक कंट्रोल रूम और वायरलेस सेट से संचार जाम रोकने के लिए आठ संवेदनशील स्थानों को चिह्नित किया गया है और क्यूआरटी तैनात हैं।
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