44 दिनों तक चले माघ मेला 2026 ने न सिर्फ धार्मिक महत्व को निभाया, बल्कि आधुनिक तकनीक से भीड़ प्रबंधन का अनोखा उदाहरण पेश किया। लगभग 22 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा में डुबकी लगाई, जिससे यह मेला दर्जनों वर्षों में सबसे बड़ा संस्करण बनकर उभरा है।
माघ मेला 2026 की मुख्य उपलब्धियां
3 जनवरी से 15 फरवरी तक चले इस मेले में प्रमुख स्नान पर्वों पर रिकॉर्ड भीड़ रही। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल के मुताबिक, 14 फरवरी तक 22 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। आज महाशिवरात्रि पर भी 15 लाख से अधिक लोगों के संगम में डुबकी लगाने का अनुमान है।
दैनिक रूप से लगभग लाखों श्रद्धालुओं ने स्नान किया, सबसे ज्यादा मौनी अमावस्या और मकर संक्रांति के दौरान देखने को मिल।
- पौष पूर्णिमा, 3 जनवरी: 31 लाख लोगों ने भाग लिया, जो पिछले वर्ष 9.8 लाख से अधिक थे।
- 14 जनवरी, मकर संक्रांति: 1.03 करोड़ (पिछले 20.9 लाख)
- 18 जनवरी, मौनी अमावस्या: (पूर्व में 2.18 करोड़)
- वसंत पंचमी, 23 जनवरी: 3.56 करोड़ रुपये (पूर्व में 42 लाख रुपये)
- अचला सप्तमी: दो करोड़ (पूर्व में आठ लाख)
- माघी पूर्णिमा: 2.10 करोड़ (पूर्व में 38.2 लाख)
ये आंकड़े बताते हैं कि भले ही माघ मेला हर साल होता है, इस बार की भागीदारी अपेक्षात्मक थी और पिछले वर्षों की तुलना में बहुत अधिक थी।
प्रयागराज में NCR नें किया कवच का सफल परीक्षण।

