back to top
बुधवार, फ़रवरी 18, 2026

बाबा रामदेव का माघ मेले में संगम स्नान, शंकराचार्य विवाद पर साधी चुप्पी

Share

प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में हर साल लगने वाला माघ मेला धर्म, आस्था और परंपरा का प्रतीक है। 22 जनवरी 2026 को योग गुरु बाबा रामदेव ने माघ मेला देखा और पवित्र त्रिवेणी में डुबकी लगाई। हालाँकि, इस ऐतिहासिक आयोजन के दौरान धार्मिक बहस, खासकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर उठाए गए प्रश्नों, पर बाबा रामदेव ने चुप्पी साधे रखी।

बाबा रामदेव का संगम स्नान और बयान

बाबा रामदेव ने बृहस्पतिवार को चार्टर्ड प्लेन से प्रयागराज पहुंचकर सबसे पहले सतुआ बाबा आश्रम में साधु-संतों का अभिवादन किया और फिर त्रिवेणी में डुबकी लगाकर पूजा-अर्चना की। यहाँ स्नान करना, उनका कहना था, “माघ का स्नान नहीं, महास्नान” है, जो जन्मों के पुण्य का अनुभव देता है। उनका कहना था कि मेला-व्यवस्था धार्मिक अनुशासन और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत अवसर है।

शंकराचार्य विवाद और बाबा रामदेव की चुप्पी

इस बार माघ मेले में प्रशासन और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच एक बड़ा विवाद हुआ है। मुख्य मुद्दा यह है कि मेला प्रशासन ने स्वामी जी को एक नोटिस भेजा जिसमें उनके “शंकराचार्य” पद पर सवाल उठाया। मेला प्रशासन ने दावा किया कि न्यायालय में चल रहे एक मामले के कारण वे अभी आधिकारिक शंकराचार्य नहीं हैं।

18 जनवरी को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी/यात्रा पर रोक लगाने और नोटिस देने को लेकर तीर्थ और प्रशासन के बीच तनाव बढ़ा। स्वामी जी ने प्रशासन के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे पलकी में थे न कि वाहनों में, और उन्होंने धार्मिक अधिकार का हवाला दिया।

बाबा रामदेव ने इस बहस पर सीधे कोई टिप्पणी नहीं की और चुप्पी बरकरार रखी, जिससे इशारों-इशारों में बहस के महत्वपूर्ण पहलुओं को टालने का संकेत मिले। लेकिन उन्होंने कहा कि तीर्थस्थल पर व्यक्तिगत एजेंडा नहीं चलना चाहिए और ऐसे किसी भी अनुचित व्यवहार को अस्वीकार्य बताया। उन्होंने सीएम योगी की मेला व्यवस्था की खूब तारीफ की। नाव से साइबेरियन पक्षियों को दाना खिलाया, स्वामी निश्चलानंद से धार्मिक चर्चा की। 

प्रयागराज में चिट्ठी में लिखकर दिया तलाक, प्राथमिकी दर्ज। 

Read more

Local News

hi_INहिन्दी