अब प्रयागराज रेलवे अस्पताल की दीवारें सिर्फ दीवारें नहीं रहेंगी, बल्कि छत के सौर पैनलों के साथ‑साथ दीवारों पर लगे सोलर सिस्टम के जरिए बिजली भी पैदा करेंगी। यूपी के अन्य बड़े रेलवे अस्पतालों की छत पर सोलर प्लांट लग चुके हैं, लेकिन प्रयागराज रेलवे अस्पताल को फिलहाल देश में सौर ऊर्जा से बिजली बनाने वाला पहला रेलवे अस्पताल बनाने की योजना है।
सौर ऊर्जा रेलवे अस्पताल से जुड़ी मुख्य जानकारी
रेलवे अस्पताल की दीवारों पर सोलर पैनल लगाकर वैसे ही बिजली उत्पादन किया जाएगा, जैसे छत पर पैन लगाकर बिजली बनाई जाती है। इस योजना का कार्यक्षेत्र टूंडला स्थित रेलवे अस्पताल को चुना गया है, यदि सकारात्मक परिणाम आए तो इसे अन्यत्र भी लागू किया जाएगा। इस योजना में BIPV (Building Integrated Photovoltaics) तकनीक का प्रयोग किया जाएगा। जिसमें सौर सेल सीधे दीवार और छत की सामग्री में इंटीग्रेट होंगे, अलग स्टैंड की जरूरत नहीं होगी। मौजूदा बिजली बिल में धीरे‑धीरे कमी आएगी और अस्पताल की ऊर्जा‑निर्भरता ग्रीड से कुछ हद तक कम होगी। अगले महीने टेन्डर खुलने के बाद परियोजना को अक्टूबर 2026 तक काम में लाने की योजना है।
उत्पादित विद्युत ऊर्जा का इस्तेमाल अस्पताल की विद्युत जरूरतों के लिए उपयोग होगी। BIPV तकनीक में सोलर सेल दीवार या छत में शामिल होते हैं। इसका अर्थ है कि स्टैंड पर अलग-अलग भारी पैनल्स लगाने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे जगह बचेगी और इमारत की सुंदरता भी बनी रहेगी। उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने रेलवे अस्पतालों की दीवारों और छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का प्रस्ताव पास कर लिया है। इस परियोजना का कुल बजट लगभग ₹1.24 करोड़ है।
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