प्रयागराज में माघ मेला 2026 की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। इस बार भी, हर साल की तरह, संगम में करोड़ों श्रद्धालु आएँगे, और संत संस्थाएँ अपने-अपने शिविर बनाएँगे। मेला प्राधिकरण ने 15 दिसंबर से 20 दिसंबर 2025 के बीच भूमि आवंटन की एक व्यापक समय-सारिणी जारी की है, जिससे मेले-स्थल की योजना स्पष्ट हो जाएगी।
माघ मेला 2026 भूमि आवंटन का विस्तृत शेड्यूल
मेला प्राधिकरण ने कहा कि भूमि को चरणबद्ध तरीके से वितरित किया जाएगा। योजनाबद्ध मार्गों पर संतों, अखाड़ों, तीर्थपुरोहितों और अन्य धार्मिक संस्थाओं को जमीन दी जाएगी, ताकि वे समय रहते अपने शिविरों को बना सकें।
- 15 दिसंबर: अरैल, नागवासुकी मार्ग, हरिश्चंद्र मार्ग आदि मुख्य इलाकों में भूमि आवंटन।
- 16 दिसंबर: तीर्थपूरोहित के लिए, गंगोली शिवालय मार्ग, आलोपीबाग मार्ग और तुलसी मार्ग पर आवंटन।
- 17 दिसंबर: सूरदास मार्ग, कबीर मार्ग और गणपति मार्ग में आवंटन।
- 18–19 दिसंबर: अक्षयवट मार्ग, लाल मार्ग, त्रिवेणी मार्ग, सरस्वती मार्ग आदि में भूमि दी जाएगी।
- 20 दिसंबर: इन्टरलॉकींग सेक्टर-4, समुन्द्रकूप और भारद्वाज मार्ग के लिए अंतिम आवंटन।
भूमि आवंटन के लिए पहचान पत्र है जरूरी
भूमि आवंटन के लिए आने वालों को अपना फोटो युक्त पहचान पत्र और आधार कार्ड जरूर साथ रखना होगा, ताकि सुविधा पर्ची आसानी से मिल सके। साथ ही मेल अधिकारियों ने कहा की कोई अनहोनी स्थिति पैदा होती है, तो निर्धारित तारीखों में बदलाव की गुंजाइश बनी रहेगी। साथ ही, जो संस्थाएं या समूह पिछले कुंभ, महाकुंभ या पुराने माघ मेलों में मिली टिन शेड, तंबू और फर्नीचर जैसी सामग्री लौटाने में चूक गए हैं, उन्हें इस बार कोई जमीन या सुविधा नहीं मिलेगी। हर शिविर चलाने वाले को मेले की सारी अवधि भर अपनी जगह का पूरा रखवाला संभालना पड़ेगा, और आवंटन के ठीक दो दिन बाद ही सुविधा का पर्चा हाथ लगेगा।
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