प्रयागराज के उरुवा विकास खंड में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ मॉडल पीएम आवास के लिए ₹1.20 लाख की सरकारी धनराशि गबन कर दी गई और आवश्यक पत्र भी कार्यालय से गायब पाए गए। यह घोषणा गरीबों को रहने योग्य घर देने वाली प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) का एक हिस्सा था, जो प्रशासन को आश्चर्यचकित कर दिया है।
प्रयागराज पीएम आवास गबन मामला क्या है?
सिस्टम के अनुसार, हर ब्लॉक में एक मॉडल पीएम आवास बनाया जाता है ताकि ग्राम स्तर पर काम को बेहतर ढंग से दिखाया जा सके। सितंबर 2024 में आईसी के तहत उरुवा ब्लॉक को ₹1,20,000 दिया गया, लेकिन लगभग दो वर्ष बाद भी कोई निर्माण नहीं हुआ।
मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- धन जारी: सितंबर 2025 में DRDA द्वारा ब्लॉक को ₹1.20 लाख अवार्ड के तौर पर भेजा गया था। निर्माण नहीं हुआ: इतने समय बाद भी मॉडल हाउस का निर्माण नहीं हुआ।
- पत्र गायब: इस धन के लिए जारी आदेश पत्र ब्लॉक कार्यालय से गायब मिला। इससे पता चला कि फाइलों की खोजबीन में यह दस्तावेज़ नहीं मिला।
- खुलासा अफसरों ने किया: जब DRDA के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने स्पष्टीकरण माँगा, तभी मामला सामने आया।
प्रशासन ने बी.डी.ओ. (ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर) से जवाब तलब किया और फाइलों को खोजा गया, तब यह साफ़ हुआ कि पैसे का इस्तेमाल नहीं हुआ तथा आवास का निर्माण नाम मात्र पर रोक गया।
प्रशासन ने मामला उजागर होने पर बी.डी.ओ. और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ जांच का आदेश दिया है।
प्रशासनिक दृष्टिकोण
उरुवा ब्लॉक में अब यह मामला उच्च अधिकारियों की निगरानी में है और लापरवाही और संभावित गबन के आरोपों की जांच तेज़ी से जारी है।
इन निर्देशों के अंतर्गत:
- दोषियों की पहचान और अनुशासनात्मक कार्यवाही होगी।
- गायब पत्र को ढूंढ़ने अथवा उसकी दूसरी प्रति बनवाने का प्रयास होगा।
प्रयागराज-वाराणसी हाइवे पर प्रोपाइलीन गैस टैंकर लीकेज।

