PDA ने ऐतिहासिक शहरी विस्तार की योजना बनाई है, जिससे शहर का आकार और प्रभाव बढ़ेंगे। Prayagraj Development Authority (PDA) ने राज्य सरकार को लगभग 200 गाँवों को शहर की सीमा में जोड़ने का प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव के स्वीकार होने पर PDA का क्षेत्र 1,015 वर्ग किलोमीटर से 1,278 वर्ग किलोमीटर हो जाएगा।
PDA शहरी विस्तार प्रस्ताव की जानकारी
कौन-कौन से गाँव शामिल होंगे?
सोरांव तहसील से 166 गाँव प्रस्तावित 200 गाँवों का सबसे बड़ा हिस्सा होगा। इसके अलावा, 20 गाँव फूलपुर से, 3 गाँव करछना से और सद तहसील के कुछ गाँव प्रस्तावित सूची में हैं। यदि प्रस्ताव स्वीकृत होता है, PDA के अंतर्गत आने वाले गाँवों की संख्या अब 839 हो जाएगी (पहले 639 थे)। साथ ही इससे प्राधिकरण का क्षेत्रफल 1,015 हेक्टेयर से 1,278 हेक्टेयर हो जाएगा।
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PDA शहरी विस्तार प्रस्ताव के उद्देश्य और लाभ
- PDA की आय में सुधार – भूमि कर, संपत्ति कर और विकास कर बढ़ेंगे, जिससे नगर निगम और PDA के पास अधिक विकास बजट होगा।
- योजनाबद्ध विकास, अवैध प्लॉटिंग और आधुनिक कालोनियों का निर्माण सभी शामिल गाँवों में होगा। नए शामिल गाँवों में बुनियादी ढाँचे, बिजली, नालियों और सड़कों की योजनाएं योजनाबद्ध तरीके से लागू की जा सकती हैं।
- अवैध निर्माणों पर रोक – बिना अनुमति के गाँवों का निर्माण कठिन होगा अगर वे PDA के अधीन आ जाएंगे।
- अब गंगा एक्सप्रेसवे शहर के बाहर आ जाएगा, जिससे कनेक्टिविटी और निवेश बढ़ेगा।
सारांश
PDA द्वारा प्रस्तावित 200 गाँवों को शामिल करने की योजना न सिर्फ एक प्रशासनिक विस्तार है, बल्कि प्रयागराज की विकास यात्रा में एक नया पड़ाव है । यदि इसे सही ढंग से लागू किया जाए, तो यह कदम शहर को आधुनिकता, सुविधाओं और संरचनाओं से जोड़ सकता है। इससे क्षेत्रफल, सेवाओं, बजट और विकास के नए द्वार खुलेंगे। इन गाँवों को शहरीकरण करना प्रयागराज को उत्तर प्रदेश और NCR की अगली स्मार्ट सिटी के रूप में स्थापित कर सकता है।
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