अक्षय कुमार और अरशद वारसी अभिनीत फिल्म ‘जॉली एलएलबी 3’ की रिलीज़ होने का रास्ता अब साफ हो गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फिल्म के एक गाने “भाई वकील है” और कथित न्यायपालिका-अपमान के आरोपों पर सुनवाई की। जिसमें कोर्ट ने कहा कि न तो गाने के बोल और न ही फिल्म के ट्रेलर-टीज़र में कोई आपत्तिजनक बात पाई गई। इसलिए बुधवार को फिल्म की रिलीज रोकने की मांग पर दायर याचिका खारिज कर दी गई।
‘जॉली एलएलबी 3’ रिलीज का क्या मामला क्या था? क्यों हुई थी आपत्ति?
इस फिल्म पर पहले पुणे, अजमेर समेत कई जगहों पर वकीलों ने अपनी आपत्ति पर शिकायत दर्ज कराई थी। उनका कहना था की इसकी कहानी, कुछ दृश्य और गाने भारतीय न्याय-व्यवस्था और वकील पेशे को बदनाम करते हैं। याचिकाकर्ताओं ने खास तौर पर दावा किया कि फिल्म में जजों को अपमानजनक शब्द “मामू” कहा गया है। इन्हीं शिकायतों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिलीज़ पर रोक की अपील की थी।
इलाहाबाद कोर्ट के फैसले में क्या था खास?
न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा और बृज राज सिंह की डिवीजन बेंच ने गाने और ट्रेलर-टीज़र की समीक्षा की। कोर्ट ने कहा कि फिल्म में न्यायपालिका या कानूनी क्षेत्र को लेकर कोई निंदात्मक या आपत्तिजनक संकेत नहीं मिले हैं। न्यायालय ने कहा, “कोई भी शब्द या दृश्य जो वकीलों की गरिमा कम करता हो, हमें नहीं मिला। इसलिए हस्तक्षेप की जरूरत नहीं।” कोर्ट ने बिना कोई दंड लगाए याचिका खारिज कर दी।
जॉली एलएलबी 3′ रिलीज से जुड़े अन्य कानूनी विवाद और रिलीज तारीख
फिल्म को पुणे और अजमेर जैसे शहरों में भी अंतरिम नोटिस दी गई थी। इसके बावजूद, कोर्ट के निर्णायक निर्णय के बाद 19 सितंबर 2025 को रिलीज़ करने में अब कोई बाधा नहीं है।
फिल्म में अक्षय कुमार, अरशद वारसी, हुमा कुरैशी, सौरभ शुक्ला, अमृता राव और गजराज राव हैं। वहीं इस फिल्म के निर्देशक सुभाष कपूर हैं। ‘जॉली एलएलबी’ सीरीज का यह तीसरा पार्ट है, जो अपने शानदार कोर्टरूम सीन्स और सामाजिक व्यंग्य के लिए जानी जाती है।
सारांश
“जॉली एलएलबी 3” रिलीज का कानूनी विवाद अब लगभग समाप्त हो गया है। फिल्म के सिनेमाघरों तक पहुंचने का रास्ता स्पष्ट है। 19 सितंबर को फिल्म पूरे भारत में रिलीज़ होगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि दर्शक और कानूनी क्षेत्र कैसे प्रतिक्रिया देंगे।
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