अब प्रयागराज तीर्थराज ही नहीं, बल्कि “टेक्नोलॉजी नगर” की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने एक अत्याधुनिक रोबोटिक्स पार्क को मंजूरी दी है, जो बच्चों को विज्ञान और नवाचार में प्रेरित करेगा।
रोबोटिक्स पार्क प्रयागराज
रोबोटिक्स पार्क प्रयागराज नगर निगम में 20 करोड़ रुपये की लागत से एक हेक्टेयर क्षेत्र में बनाए जाने की योजना है। यह योजना मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना (CM-VNY) के तहत बनाया जाएगा। अंतरिक्ष मिशन, लड़ाकू विमान और युद्धपोत जैसे उन्नत तकनीकों से जुड़े इंटरैक्टिव डिस्प्ले और एक्सहिबिट(प्रदर्शनी) पार्क में होंगे। महापौर गणेश केसरवानी और नगर आयुक्त सीलम साई तेजा ने कहा कि पार्क में खेल का मैदान, झूले, स्लाइड्स और क्लाइम्बिंग नेट भी होंगे।
नैनी, झूंसी और फाफामऊ में पार्क के लिए अनुकूल स्थानों की खोज जारी है। यह परियोजना शहर को तकनीकी विकास का केंद्र बनाएगी और बच्चों को विज्ञान और टेक्नोलॉजी में रुचि जगाएगी।
रोबोटिक्स पार्क प्रयागराज में बनाने का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
यह पार्क प्रयागराज को वैज्ञानिक नवाचार का नया केंद्र बनाना चाहता है। यहां आने वाले बच्चे न केवल नई तकनीक का ज्ञान प्राप्त करेंगे, बल्कि रोबोटिक्स, मशीन लर्निंग और अंतरिक्ष अनुसंधान से भी व्यावहारिक रूप से परिचित होंगे।
मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना, जो शहरी विकास को प्रभावी और जवाबदेह बनाने का लक्ष्य रखती है, इस योजना का हिस्सा है। यह स्मार्ट सिटी मिशन की पहली परियोजना है जो मनोरंजन और विज्ञान को एक साथ जोड़ती है। सितंबर 2025 में, मेयर गणेश केसरवानी और जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने भूमि आवंटन पर एक बैठक की थी। परियोजना को इसके बाद औपचारिक स्वीकृति मिली।
समापन
यह योजना प्रयागराज को एक “साइंस एंड इनोवेशन सिटी” बना सकती है। स्थानीय विद्यालयों और कॉलेजों के विद्यार्थियों को नवीनतम तकनीकी ज्ञान प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
पार्क को पर्यटन के नए केंद्र के रूप में भी विकसित किया जा सकता है, जहां शिक्षा, मनोरंजन और विज्ञान सब मिल जाएगा।
प्रयागराज के घूरपुर के किशोरी हत्याकांड में माता-पिता ही आरोपी पाए गए।

