वर्तमान में प्रयागराज के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ है। मंगलवार को शहर के प्रमुख सरकारी अस्पतालों,एसआरएन (SRN), बेली अस्पताल औरकॉल्विन अस्पताल में लंबी कतारें और लोगों का पंजीकरण से लेकर दवा काउंटर तक जमावड़ा हो गया। मौसम बदलाव से दिन में तेज धूप और रातों में ठंडक का खेल लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है।
जनवरी 2026 में प्रयागराज में दिन का तापमान 25-28 डिग्री तक होगा, और रात 10-13 डिग्री तक ठंडा रहेगा। ऐसे बदलाव वायरस और बैक्टीरिया को सक्रिय करते हैं, जो सर्दी-जुकाम, खांसी और सांस की बीमारियां फैलाते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि शरीर का इम्यून सिस्टम इस परिवर्तन को सहन नहीं पा रहा है।
ओपीडी में रिकॉर्ड मरीज, SRN सबसे प्रभावित
मंगलवार को SRN अस्पताल की ओपीडी में 3480 मरीज पहुंचे, जो इस सर्दी का सबसे ज्यादा आंकड़ा है। बेली अस्पताल में 2512 और काल्विन अस्पताल में 1800 मरीजों ने इलाज लिया, कुल मिलाकर तीनों में 7792 मरीजों ने ओपीडी का सहारा लिया।
SRN में सबसे अधिक चहल-पहल मेडिसिन, हड्डी रोग, टीबी-श्वास नली, त्वचा और न्यूरो शाखाओं में हुई है। कई विभाग शाम चार बजे तक खुले रहे, क्योंकि मरीजों की संख्या कम नहीं हुई। फर्श-सीढ़ियों पर रिपोर्ट प्राप्त करने और सैंपल जमा करने के लिए इंतजार करना पड़ा।
डॉ. केएन त्रिपाठी, प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के सहायक आचार्य, ने बताया कि बदलते तापमान में शरीर का तापमान जल्दी अनुकूल नहीं हो पाता, जिससे सर्दी-बुखार, खांसी और सांस की बीमारी होती है। तेज धूप को गर्मी नहीं मानकर धूप में सावधानी से निकलें क्योंकि यह शरीर को बहुत अधिक थकान दे सकता है। बुजुर्गों और बच्चों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, इसलिए उन्हें विशेष देखभाल की जरूरत है।
प्रयागराज में मिनी माघ 2026 अब तक 18 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी।

