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गुरूवार, दिसम्बर 4, 2025

अब AI लेगा ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट — पारदर्शी, निष्पक्ष और तकनीकी

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प्रयागराज आज तकनीकी बदलाव के केंद्र में है। अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) ड्राइविंग लाइसेंस (DL) का टेस्ट करेगी। पहले लोगों को आरआई(Regional Inspector) की उपस्थिति में जांच होती थी। प्रयागराज के नैनी ऑटोमेटेड टेस्टिंग ट्रैक सेंटर ने अब इस नवीनतम सिस्टम को ट्रायल पर शुरू किया है।

नए AI-आधारित परीक्षण की विशेषताएँ

  • पूरी तरह से ऑटोमेटेड सिस्टम – AI पूरी प्रक्रिया को सेंसर और वीडियो कैमरों से लैस टेस्ट ट्रैक पर संचालित करेगा। इसमें मानवीय हस्तक्षेप नहीं होगा।
  • पारदर्शिता और न्याय –  AI का पूरा डेटा रिकॉर्ड होगा, इसलिए मानव त्रुटि और पक्षपात कम होंगे।
  • सटीक परिणाम –  परीक्षा रिपोर्ट भी AI द्वारा बनाई जाएगी, जो निर्धारित करेगा कि उम्मीदवार पास हुआ या फेल हुआ है।

क्यों है यह बदलाव ज़रूरी?

  1. भ्रष्टाचार पर प्रभाव – आरआई आधारित मूल्यांकन में शिकायतें जैसे फ़ेवर या रिश्वत अक्सर आती थीं।
  2. कम मानव भूल की संभावना AI तकनीकी मूल्यांकन से बहस और त्रुटियाँ कम होंगी।
  3. तकनीक की दिशा – यूपी सरकार ने लोक प्रशासन में डिजिटल तकनीक का महत्वपूर्ण प्रयोग करके एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया है।

यह कदम प्रयागराज तक सीमित नहीं है। वितरण, लाइसेंस, ई-चालान और अन्य परिवहन सेवाओं में AI और बड़े डेटा आधारित नियमों को लागू करने की दो बड़ी पहल हैं। केंद्रीय सरकार ने भी इस प्रयोग को मंजूरी दी है, जिस पर 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

प्रयागराज में उद्योग आधारित परीक्षण और रोजगार के अवसर दो साल में। 

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