अब प्रयागराज के बमरौली हवाई अड्डे का विस्तार एक नए आयाम पर पहुंचने वाला है। रक्षा मंत्रालय ने बमरौली एयरपोर्ट विस्तार के लिए लगभग ग्यारह एकड़ जमीन का उपयोग करने की अनुमति दे दी है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था, व्यापार और यात्रियों की सुविधा में सुधार होगा, साथ ही एयरपोर्ट की क्षमता भी बढ़ेगी।
बमरौली एयरपोर्ट विस्तार की मुख्य जानकारी
- रक्षा मंत्रालय ने एयरफोर्स के अंतर्गत आने वाली जमीन को उपयोग करने की अनुमति दी है। जो लगभग 11 एकड़ भूमि है जिसकी वैल्यू ₹63.94 करोड़ आंकी गई है।
- भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शीघ्र शुरू होगी, जिसमें पर्यावरणीय नियमों और पेड़ कटाई की आवश्यक अनुमति प्राप्त की जाएगी।
- विस्तारित एयरपोर्ट में स्थानीय व्यापार और लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा देने के लिए एक विशिष्ट कार्गो वेयरहाउस भी बनाया जाएगा।
- इससे प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों से कृषि उत्पाद जैसे लाल सुरखा अमरूद को मुंबई, पश्चिम एशिया और यूरोप तक आसानी से भेजा जा सकेगा।
- स्थानीय किसानों, व्यापारियों और बड़ी व्यापार मंडलियों की यह मांग अब पूरी हो रही है।
यह भी देखें – पुराने यमुना पुल के समानांतर बेनेगा नया यमुना पुल।
बमरौली एयरपोर्ट विस्तार का प्रभाव
- विस्तार से विमान सेवा में सुधार होगा, यात्रियों के लिए सुविधा बढ़ेगी।
- क्षेत्र का व्यापार और पर्यटन को नई दिशा मिलेगी और साथ ही स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
- एयरपोर्ट पर कार्गो सुविधा के कारण प्रयागराज के उत्पाद अब वैश्विक बाजार में आसानी से पहुंच सकेंगे।
विस्तार परियोजना की पृष्ठभूमि
बमरौली एयरपोर्ट मुख्य रूप से सैन्य विमान संचालन के लिए जाना जाता है, लेकिन अब यात्री उड़ानों की संख्या में वृद्धि आई है। जो अगस्त 2025 से शुरू हुआ एयरपोर्ट का नया टर्मिनल आधुनिकतम सुविधाओं से लैस है और यह प्रति घंटे 1200 यात्रियों को संभाल सकेगा। प्रयागराज एयरपोर्ट को जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जाएगा, जिससे विदेशों से आने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
निष्कर्ष
रक्षा मंत्रालय की मंजूरी से बमरौली एयरपोर्ट विस्तार के काम में तेजी आएगी। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने से यह सुविधा जल्द ही पूरी हो सकेगी और प्रयागराज का हवाई नेटवर्क मजबूत होगा, जो उत्तरी भारत को लाभदायक होगा।
उत्तर प्रदेश पेट परीक्षा कल से प्रयागराज में लगभग 1 लाख परीक्षार्थी देंगे परीक्षा।

