भारतीय रेलवे ने पारंपरिक ट्रेन निरीक्षण प्रणालियों को छोड़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ट्रेन निरीक्षण प्रणाली शुरू करने जा रही है। प्रयागराज जंक्शन पर इसका प्रारंभिक परीक्षण किया जाएगा, जहां एक कृत्रिम बुद्धि के कैमरा और सॉफ्टवेयर-आधारित सिस्टम को लगाकर ट्रेन के महत्वपूर्ण भागों, जैसे पहिए, एक्सल और कोचों के तले की रीयल-टाइम जांच की जाएगी।
यह नई AI ट्रेन निरीक्षण प्रणाली क्या है और कैसे काम करेगी?
भारतीय रेलवे के उत्तर मध्य रेलवे (North Central Railway) ज़ोन में एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लगभग ₹1 करोड़ के बजट पर यह AI-आधारित ट्रेन निरीक्षण सिस्टम शुरू किया जा रहा है।
प्रमुख तकनीकी विशेषताएँ
AI-enabled कैमरा सिस्टम
- ट्रेन के बूथ भागों की रीयल-टाइम इमेजिंग।
- पहिए, अक्ष, संधियाँ और अन्य महत्वपूर्ण भागों पर दुर्घटना या क्षति को तुरंत चिन्हित करें।
ऑटोमैटिक अलर्ट सिस्टम
- यदि कोई अनियमितता, ख़राबी या ओवरहीटिंग पाई जाती है, तो सिस्टम तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजेगा।
मानव निरीक्षण का पूरक समाधान
- अभी तक रेलवे कर्मी मैन्युअल निरीक्षण करते हैं जो मौसम, दृश्यता या थकान जैसी परिस्थितियों से प्रभावित हो सकता है।
- AI से यह प्रक्रिया तेज़, सुरक्षित और 24×7 विश्वसनीय बनती है।
यदि पायलट सफल होता है, तो इसे आगे अन्य बड़े रेलवे जंक्शनों जैसे अगरा, मथुरा, ग्वालियर, झांसी, टुंडला आदि में भी विस्तारित किया जा सकता है।
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