नैनी पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए उन लोगों पर शिकंजा कसा है जो बेरोजगार युवा लोगों को सरकारी नौकरी का झांसा देकर ठगी कर रहे थे। इस गिरोह के 15 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। फर्जी सरकारी नौकरी रैकेट गिरोह को सरपतहिया रोड पर स्थित एक गेस्ट हाउस से गिरफ्तार किया गया। इनके पास से एसयूवी, नकदी, मोबाइल फोन, लैपटॉप और कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
फर्जी सरकारी नौकरी रैकेट के बारे में कैसे मिला पुलिस को सुराग?
पुलिस ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से शिकायतें मिल रही थी। जिसमें कुछ लोग युवाओं से संपर्क कर रहे हैं और खुद को मंत्रालय या रेलवे भर्ती बोर्ड से जुड़ा अधिकारी बताकर नौकरी दिलाने का दावा रहे हैं। राजस्थान(झुंझुनू) के गोपीचन्द के शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर 3 टीम बनाकर कारवाई की।
- युवा लोगों को फर्जी नियुक्ति पत्र और ट्रेनिंग कॉल लेटर भी दिए गए।
- युवाओं को प्रयागराज जंक्शन से लाया जाता, फिर एक होटल में 18 हफ्ते का प्रशिक्षण देने के लिए रखा जाता था।
- प्रशिक्षण के दौरान ही रिश्तेदारों को कॉल पर नौकरी लगने की जानकारी दिलवाते थे। जिसके बाद उन्हे भी इसी के जरिए बुला लेते थे।
- जब युवाओं को भरोसा हो गया, तब उन्हें बताया गया कि वे इंटरव्यू में फैल गए हैं, उन्हें नौकरी नहीं मिलेगी। ऐसे कई युवाओं को “इंटरव्यू असफल” कहकर वहां से भगा दिया गया।
- पकड़े गए आरोपियों ने अब तक दर्जनों युवा ठगने की बात को स्वीकार किया है।
ठगी रैकेट की पूरी जानकारी
पुलिस जांच के अनुसार, यह एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह था, जो नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से भारी रकम वसूलता था। युवाओं को राजस्थान और अन्य राज्यों से बुलाकर आरोपितों ने बंधक बना लिया था। 26,000 रुपये नौकरी कराने के लिए और 1100 रुपये फार्म भरने के लिए वसूले जाते थे। बंधक बनाए गए युवाओं को जान से मारने और झूठे मुकदमे दर्ज कराने की धमकी भी दी गई।
आरोपियों में राजस्थान और झारखंड के निवासी शामिल हैं, जिनका नेतृत्व प्रकाश राव नामक शख्स कर रहा था। गिरफ्तार आरोपियों में नाम शामिल हैं: रविंद्र कुमार, अनीश, अमित कुमार, सुमित कुमार, सोनू विश्वकर्मा, राजूराम, राजकुमार रायल, सोनू यादव, विश्वजीत, शिवराज सिंह, बलराम मीना, मोहित, साहिल, मनोज, और एक अन्य। पुलिस के मुताबिक प्रियांशु राव और विजय चौहान नामक दो आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। सभी को मेडिकल जांच के लिए चाका स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।
मूल्यांकन
नैनी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया सरकारी नौकरी की पेशकश करने वाला रैकेट एक बड़ी सफलता है। इस मामले में पंद्रह आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, और पकड़े गए सामान ने रैकेट की व्यापकता दिखाई देती है। यह चेतावनी उन युवाओं के लिए है जो बेहतर भविष्य की आशा में किसी भी गलत सुझाव पर भरोसा करते हैं। ऐसे ठगों पर शिकंजा कसना और युवाओं का भरोसा वापस लौटाना संभव है अगर प्रशासन सतर्क रहे और कानून पूरी तरह लागू हो।
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