प्रयागराज में हाल ही में एक खबर नें योग, कारोबार और शासन तीनों को चर्चा में ला दिया। प्रयागराज स्थित जीएसट(GST) टीम ने 10 लाख रुपये का टैक्स वसूला, जिसका टर्नओवर 123 करोड़ रुपये था। योग गुरु GST टैक्स वसुली के अलावा, यह मामला सिस्टम की सख्ती और जागरूकता का प्रतीक बन गया है।
प्रयागराज योग गुरु GST टैक्स से पूरी खबर
शहर में स्थित राज्य GST टीम को पता चला कि एक योग गुरु की संस्था देश-विदेश में ऑनलाइन योग क्लास चलाकर करोड़ों रुपये कमा रही है। परीक्षण ने पाया कि कंपनी का सालाना टर्नओवर 123 करोड़ रुपये है, जिसमें से 40 करोड़ रुपये विदेश से आते हैं। योगा क्लास में एक घंटा की फीस ₹4,000 है, और शॉर्ट/लॉन्ग टर्म कोर्स से ग्राहक देश भर से जुड़ते हैं।
पहले, कंपनी सिर्फ महाराष्ट्र राज्य को जीएसटी देती थी, लेकिन उत्तर प्रदेश में उनकी कंपनी आय पर जीएसटी टैक्स नहीं दिया जा रहा था। पड़ताल के बाद, जीएसटी संयुक्त आयुक्त शक्ति सिंह और अपर आयुक्त राजेश पांडेय सहित राज्य दल ने विस्तृत ट्रांजैक्शन रिपोर्ट बनाकर कंपनी को उत्तर प्रदेश राज्य GST जमा करने का नोटिस दिया। योग गुरु ने गलती माना और 10 लाख रुपये टैक्स दे दिया। आने वाले समय में यूपी सरकार को प्रति वर्ष लगभग 1.10 करोड़ रुपये टैक्स मिलने का अनुमान है।
सारांश
योग गुरु GST टैक्स कार्रवाई प्रयागराज की आर्थिक और व्यावसायिक जागरूकता के लिए महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र में बढ़ते स्टार्टअप और ऑनलाइन कारोबार कर देने के दायरे में है। ऐसे मामले पारदर्शिता को आगे भी बढ़ाएंगे और राज्य सरकार की आय को बढ़ाएंगे।
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