प्रयागराज के लोहगरा बाजार में एक दुखद घटना घटी, जहां एक फर्जी आत्महत्या की कहानी ने पुलिस की सावधानी के सामने अपने असली रंग को उजागर किया। एक महिला का खून से लथपथा शव मिला, उसके मरने के बाद लिखा गया – “मैं पागल थी, मेरा पति निर्दोष है”। शुरुआत आत्महत्या जैसा लग रही थी, लेकिन मामला कहीं गहरा था।
प्रयागराज फर्जी आत्महत्या घटना की असलियत
15 नवंबर 2025 को, बारा थाना क्षेत्र के लोहगरा बाजार में सुषमा द्विवेदी का रक्तरंजित शव उसके कमरे में मिला। PPGCL में कार्यरत पति रोहित द्विवेदी ने कहा कि उसकी पत्नी ने खुद ही गले में चाकू घोंपकर आत्महत्या कर ली। घटनास्थल पर पुलिस को फर्श पर खून से “मैं पागल थी, मेरा पति निर्दोष है” लिखा हुआ मिला, जो शक को बढ़ा। सुषमा की अंगुलियों पर कोई खून का निशान नहीं था, इसलिए किसी और व्यक्ति ने लिखा ऐसा शक हुआ।
जांच व पुलिस कार्रवाई
फॉरेंसिक टीम ने मौके पर सबूत जुटाया और लिखावट को मिलान कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट बताती है कि सुषमा की गर्दन पर एक गहरा वार था। मृतका के भाई ने भी पति, सास-ससुर और अन्य लोगों पर दहेज प्रताड़ना व हत्या का आरोप लगाया था।
अक्सर बच्चे को लेकर विवाद होता रहता था। शुक्रवार की सुबह भी दोनों के मध्य किसी बात को लेकर विवाद हुआ जिसमें नौबत हाथापाई तक आ गई। इसी बीच रोहित नें चाकू से गर्दन पर वार कर दिया जिससे सुषमा की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद वह वहां से फरार हो गया और आत्महत्या की कहानी बुनी। आरोपी को जेल भेज दिया गया। मायके पक्ष नें दारागंज घाट पर अंतिम संस्कार किया था। एसपी बारा कुंजलता ने भाई की शिकायत पर पांच लोगों पर मुकदमा दर्ज किया था।

