विद्युत उपभोक्ताओं के मन में अक्सर ये प्रश्न उठते हैं: क्या मेरा स्मार्ट मीटर वास्तव में सही रीडिंग कर रहा है? कई घरों में मीटर रीडिंग की अचानक वृद्धि, गैर-तर्कसंगत बिल या छेड़छाड़ की शिकायतें आई हैं। इस कमी को दूर करने के लिए प्रयागराज बिजली विभाग ने ड्यूल-मीटर सिस्टम (dual-meter system) की पेशकश की है। अर्थात स्मार्ट मीटर के साथ एक अतिरिक्त चेक मीटर भी लगाया जाएगा।
प्रयागराज ड्यूल-मीटर योजना: मूल जानकारी
बिजली विभाग ने ऐसे घरों के लिए प्रस्ताव रखा है जहां उपभोक्ता स्मार्ट मीटर की रीडिंग पर प्रश्न उठाते हैं। वर्तमान स्मार्ट मीटरों के अलावा इस योजना में एक चेक मीटर भी लगाया जाएगा। दोनों मीटर को हर महीने रिकॉर्ड किया जाएगा ताकि किसी भी असंगति का पता लगाया जा सके। अगर रीडिंग में फर्क पाया जाता है तो एक विस्तृत जांच की जाएगी।
उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए विभाग घर-घर दौरे, व्हाट्सप्प मैसेज और मीटर-चेकिंग अभियान चला रहा है। अब तक 17 शिकायतें दर्ज की गई हैं, अधिकांश “अचानक बढ़ जाने” की हैं। लेकिन उन मामलों में चेक मीटर की जाँच ने स्मार्ट मीटर की रीडिंग को सही पाया।
साथ ही, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि यह उपभोक्ता-संबंधों में पारदर्शिता बढ़ाने का एक उपाय है और विश्वास को पुनःस्थापित करेगा। जागरूकता अभियान, जिसमें चेक मीटर ड्राइव और व्हाट्सएप शामिल हैं, ने उपभोक्ताओं को मीटर की विश्वसनीयता के प्रति उत्साहित किया है।
सारांश
प्रयागराज में स्मार्ट मीटर विवाद को हल करने की दिशा में ड्यूल-मीटर सिस्टम एक सकारात्मक और व्यावहारिक कदम है। यह बिलिंग को पारदर्शी बनाने और उपभोक्ता विश्वास बढ़ाने में भी मदद करेगा। फिर भी, इसे सफलतापूर्वक लागू करने के लिए विभाग को उपभोक्ता जागरूकता, सिस्टम समीक्षा और जवाबदेही पर विशेष ध्यान देना होगा।
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