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शुक्रवार, मई 1, 2026

साइबर ठगों की 1.20 करोड़ की ठगी नाकाम, बैंक स्टाफ ने बुजुर्ग शिक्षिका को बचाया

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प्रयागराज के सिविल लाइंस क्षेत्र में एक पूर्व शिक्षिका को साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट के बहाने फंसाने का प्रयास किया। लाखों की गाढ़ी कमाई दांव पर लगी थी, लेकिन बैंक मैनेजर ने सावधानी बरतकर करोड़ों की ठगी को रोका।

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सिविल लाइंस क्लाइव रोड पर रहने वाली 63 वर्षीय चंचल श्रीवास्तव सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे पंजाब नेशनल बैंक की सिविल लाइन शाखा में पहुंचीं। ठगों ने उन्हें फोन पर डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया और कहा कि उनका नाम मनी लॉन्ड्रिंग केस में आ गया है। भयभीत चंचल जी ने 90 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को सेविंग अकाउंट में स्थानांतरित करना चाहती थी। बैंक कर्मचारी नीतू ने बड़ी राशि देख सीईओ विपिन कुमार को बताया।

विपिन कुमार ने चंचल जी से बात की।  पहले उन्होंने कहा कि बेटा विदेश में संपत्ति खरीद रहा है, लेकिन फोन बार-बार छुपा रही थीं। मैनेजर ने यकीन दिलाया, लेकिन अकाउंट डिटेल्स नहीं मिलने पर संदेह हुआ। उन्होंने नीतू को बाहर फॉलो करने को कहा। जैसे ही निकली साइबर ठगों का फोन आया, और मामला स्पष्ट हो गया। इसके बाद मैनेजर ने साइबर क्राइम थाने को कॉल किया।

चंचल जी ने दो घंटे बाद वापस आकर कोटक महिंद्रा बैंक, रांची का अकाउंट नंबर दे दिया। यह अक्टूबर में खुला हुआ करंट अकाउंट था, जिसमें केवल बड़े पैमाने पर व्यापार हुआ था। दो ठगों ने भी मैनेजर से बात की: एक ने बेटी बनकर और दूसरा ने बेटा बनकर। प्रश्नों का जवाब नही दे पाने पर मैनेजर ने असली बेटे से, जो बाहर था, वेरिफाई किया। साइबर पुलिस ने घर पहुंचकर बातचीत रोकी। 1.20 करोड़ की ठगी इस तरह बच गई। 

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