प्रयागराज में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) अभियान का लाभ उठाने के नाम पर हाल ही में एक साइबर फ्रॉड सामने आया है। ठगों ने खुद को बूथ लेवल ऑफिसर बताकर लोगों से OTP मांगकर बैंक खाते से बड़ी रकम निकाल ली। खबर के अनुसार, एक महिला समेत दो व्यक्तियों से ₹1,03,500 की ठगी हुई है। यह धोखाधड़ी पूरी तरह से ऑनलाइन संदेशों और फोन कॉल्स के माध्यम से की गई थी।
बीएलओ ठगी प्रयागराज की पूरी कहानी: कैसे फंसाए गए लोग
14 से 15 दिसंबर को प्रयागराज में यह सिलसिला शुरू हुआ। 15 दिसंबर को मुट्ठीगंज निवासी राकेश गुप्ता को किसी अज्ञात नंबर से फोन आया था। कॉलर ने खुद को BLO बताया और SIR फॉर्म के नाम पर आधार कार्ड से लिंक नहीं होने का हवाला दिया। राकेश ने बताया कि OTP मांगा गया था। एक घंटे बाद उनके बैंक खाते से 77 हजार रुपये कट गए। 14 दिसंबर को शिवकुटी की सीमा वर्मा के साथ ठीक वैसी ही घटना हुई। मायके की वोटर लिस्ट में उनका नाम था, ठगों ने उसी बहाने OTP लिया और 26,500 रुपये उड़ाए। 1,03,500 रुपये का कुल ठगी हो चुकी है।
यद्यपि पुलिस अभी तक ठगों को नहीं पहचान पाई है, यह निश्चित रूप से SIR अभियान से जुड़ा है। रिपोर्टों के अनुसार, प्रयागराज में SIR के तहत लगभग 11.90 लाख ASD (गायब, स्थानांतरित या मर चुके) वोटरों का सत्यापन चल रहा है। बीएलओ घर-घर जाकर फॉर्म भरवा रहे हैं, यही मौका ठगों को मिल गया। ऐसे अभियान में मरने वाले और शिफ्ट हो चुके लोगों के नाम अभी भी लिस्ट में हैं, इसलिए जागरूकता की जरूरत है।
- कॉल का तरीका: अज्ञात नंबर से आती कॉल, बीएलओ बनकर SIR फॉर्म का जिक्र।
- OTP ट्रिक: आधार या फॉर्म वेरिफिकेशन के नाम पर OTP मांगना।
- तुरंत ऐक्शन: OTP मिलते ही बैंक ट्रांजेक्शन, शिकार को बाद में पता चलता है।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
प्रयागराज में साइबर अपराधों के मामले में मतदाता पंजीकरण स्कीम का नाम एक बार फिर लोगों को ठगा गया है। यह घटना हमें बताती है कि डिजिटल दुनिया में हर चीज को सत्यापित करना कितना महत्वपूर्ण है।
प्रयागराज में सर्दी बढ़ी, कोहरे से आवाजाही प्रभावित।

