जब छात्राएँ शैक्षिक भ्रमण प्रयागराज के शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क पहुंचती हैं, तो शायद किसी ने भी कल्पना नहीं की होगी कि मधुमक्खियों के अचानक हमले का सामना करना पड़ेगा। शुक्रवार को हुई यह घटना न सिर्फ छात्राओं बल्कि नागरिकों को घायल कर गई। लोगों ने पार्क में सुरक्षा की मांग की है।
कैसे हुआ आजाद पार्क मधुमक्खी हमला?
20 फरवरी 2026 को दोपहर करीब दो बजे फूलपुर तहसील के बहादुरपुर स्थित आवासीय बालिका विद्यालय से 350 छात्राओं का दल पार्क में शैक्षिक भ्रमण पर पहुंचा। गेट नंबर तीन के पास चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा के आसपास वे घूम रही थीं।
अचानक पार्क स्टाफ ने पेड़ों से गिरी पत्तियों के ढेर में आग लगा दी। धुएं से मधुमक्खियों के छत्ते भड़क उठे और झुंड ने छात्राओं समेत मौजूद लोगों पर टूट पड़े। चीख-पुकार मच गई, छात्राएं इधर-उधर भागने लगीं। इस घटना में 42 छात्राएं जख्मी हुईं, उन्हें तत्काल एसआरएन एवं चिल्ड्रेन अस्पताल में भर्ती कराया गया। तीन छात्राओं की हालत गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में स्थानांतरित करना पड़ा। कुछ छात्राओं को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी भी दे दी गई। कुछ रिपोर्ट्स में 52 घायलों की खबर है, जिसमें शिक्षिकाएं भी शामिल है।
पार्क की मौजूदा स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे प्रश्न
प्रयागराज के आजाद पार्क में मधुमक्खियों के हमले के बाद सुबह-शाम वॉक पर निकलने वाले आम लोग भी चिंतित हैं। पार्क की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए हाईकोर्ट के अधिवक्ता अनूप कुमार ने कहा कि –
- पेड़ों की कटाई और हरियाली में कमी से हालात खराब हुए हैं,
- पार्क में मधुमक्खियों के छत्ते होने की नियमित निगरानी नहीं की जा रही है,
- आवारा कुत्तों की मौजूदगी भी आगंतुकों के लिए खतरा बन रही है।
प्रयागराज में शेयर ट्रैडिंग के नाम पर साइबर ठगी।

